*4 नवंबर 2024 को हमारा संकल्प ने अपने संस्थापक अजय कुमार सिंह के पिता स्वर्गीय रबी शंकर सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर “आओ खुशियाँ बाँटे” का पाँचवाँ आयोजन किया।* यह विशेष कार्यक्रम चार स्थानों—बर्नपुर, मोतिहारी (बिहार), चंदौली (उत्तर प्रदेश), और पुरुलिया—में एक साथ आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों के साथ खुशियाँ बाँटना और समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना था।



इस अवसर पर शिक्षा में सहयोग मिशन के तहत 500 से अधिक छात्रों को नए स्कूल बैग वितरित किए गए, जो उनके भविष्य के लिए आवश्यक सामग्री का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह कदम हमारा संकल्प की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ सके। इन स्कूल बैगों को प्राप्त करते हुए बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और उनकी आँखों में सपने स्पष्ट दिखाई दे रहे थे, जो इस कार्यक्रम का असली उद्देश्य था।





इसके साथ ही, इस कार्यक्रम में अजय कुमार सिंह की हाल ही में प्रकाशित और अमेज़न पर नंबर 1 बेस्टसेलर बनी पुस्तक स्काई & स्पाइक्स को भी प्रस्तुत किया गया। इस पुस्तक को बर्नपुर के सभी पुस्तकालयों, प्रेस के सदस्यों, और पूर्व खिलाड़ियों को उपहारस्वरूप भेंट किया गया, ताकि यह कहानी समाज में अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। स्काई & स्पाइक्स अस्मा खुर्शीद नामक एक गरीब मुस्लिम लड़की की संघर्षपूर्ण और प्रेरक यात्रा पर आधारित है। अस्मा बर्नपुर की रहने वाली है और आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों के बावजूद अपने भाई इकबाल, दोस्तों अमर और मनोज तथा कोच सुखी सर के मार्गदर्शन और सहयोग से अपने ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का सपना साकार करती है। यह पुस्तक न केवल खेल से जुड़े लोगों की कठिनाइयों और संघर्षों को उजागर करती है, बल्कि यह मित्रता, टीमवर्क, और साझा लक्ष्यों के महत्व को भी खूबसूरती से पेश करती है। इस प्रेरणादायक कहानी में दिखाया गया है कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद एक व्यक्ति अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकता है।




इस आयोजन में कई प्रतिष्ठित अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जिनमें स्थानीय समाजसेवी, शिक्षाविद, और गणमान्य व्यक्तित्व शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया, और उनकी प्रेरक बातें कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आईं। अतिथियों ने हमारा संकल्प के कार्यों की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


कुल मिलाकर, “आओ खुशियाँ बाँटे” का यह पाँचवाँ संस्करण एक यादगार दिन के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें न केवल जरूरतमंदों के साथ खुशियाँ बाँटी गईं, बल्कि शिक्षा और प्रेरणा के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारा संकल्प ने अपने मूल उद्देश्य को पूरा किया और समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाया।












