सीतारामपुर : माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कोलकाता आगमन से पहले, आसनसोल के समीप स्थित सीतारामपुर रेलवे स्टेशन की महत्वपूर्ण यात्री समस्याओं को उनके समक्ष उठाया गया है। आदिकार्ना फाउंडेशन नामक एक समाजसेवी संस्था के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से प्रधानमंत्री को टैग करते हुए इन मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
ज्ञात हो कि सीतारामपुर स्टेशन को प्रधानमंत्री जी के ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इसी विकास की सराहना करते हुए, फाउंडेशन के चेयरपर्सन ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के “लोकल टू वोकल” के संदेश को दोहराते हुए, स्थानीय जनता की समस्याओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास किया है।
प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
श्री वर्मा ने अपने ट्वीट में यात्रियों के लिए दो प्रमुख लाइनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग की है।
कॉर्ड लाइन: जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस (अप-डाउन) के ठहराव की मांग की गई है। श्री वर्मा ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा है कि इस पवित्र स्टेशन का नाम भी सीता और राम के नाम पर है, और यह अयोध्या नगरी की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है।
मेन लाइन: बक्सर-टाटा एक्सप्रेस (अप-डाउन) के ठहराव की मांग रखी गई है, क्योंकि पटना और बिहार के अन्य हिस्सों की यात्रा के लिए इस क्षेत्र में कोई सीधी और प्रमुख ट्रेन उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा, उन्होंने दो अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों – मिथिला एक्सप्रेस (डाउन) और काठगोदाम एक्सप्रेस (अप) – के ठहराव की भी गुजारिश की है, जो वर्तमान में इस स्टेशन पर नहीं रुकती हैं।
पर्व-त्योहारों से पहले समाधान की आशा रखते हुए, श्री वर्मा ने अपनी अपील में आगामी शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा और दीपावली जैसे पावन पर्वों का जिक्र करते हुए आशा व्यक्त की है कि इन समस्याओं का समाधान जल्द हो जाए। इन त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होती है, और ट्रेनों के ठहराव से लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह अपील न केवल एक स्टेशन की समस्याओं को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत विकास के साथ-साथ, स्थानीय जनता की व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। श्री वर्मा को विश्वास है कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सीतारामपुर स्टेशन भी एक बड़ा योगदान देगा।
गौर करने की बात हैं,यह समाचार इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे एक स्थानीय समाजसेवी संस्था ने सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग करके एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सीधे देश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचाया है, जो डिजिटल इंडिया और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।





























