*बंटी खान कुल्टी।* हावड़ा जिले के उलुबेरिया में छात्रों को लेकर स्कूल से लौटते समय एक पूलकार तालाब में गिर गई, जिससे तीन छात्रों की मौत हो गई जबकि दो छात्र जख्मी है। बताया जा रहा है कि रफ्तारतेज होने की वजह से चालक ने कंट्रोल खो दिया और कार तालाब में जा गिरी।

बावजूद उसके पुलकार चालकों को इस हादसे से सिख नही मिल रही है और वह स्कुली छात्र और छात्राओं को ठूस -ठूसकर पुलकार मे भरकर ले जा रहे हैं, जिनको ना तो कोई रोकने वाला है और ना ही कोई टोकने वाला है, जिसकी एक छोटी सी तस्वीर आसनसोल के कुलटी मे भी देखने को मिली जहाँ एक स्कुल मे जैसे ही छुट्टी हुई, स्कुल के बाहर पुलकार का हुजूम लग गया, जिस पुलकार मे बस, टोटो, ऑटो और मारुती भेन सहित टाटा मैजिक वाहन ज्यादा तर देखने को मिली, टोटो मे जहाँ दो लोग ठीक से बैठ नही पाते वहाँ आठ छात्र और छात्राओं को लेकर आना जाना किया जा रहा है, वहीं ऑटो का भी वही हाल है, अगर हम मारुती भेन या फिर टाटा मैजिक की बात करें तो उसमे 16से 18 छात्र और छात्राओं को ले जाना और ले आने का काम किया जा रहा है, वहीं अगर हम बस की बात करें तो मिनी बस मे 35 से 40 छात्र और छात्राओं को ले जाना और ले आने का काम किया जा रहा है, किसी -किसी बस मे तो 45 या फिर 50 बच्चों को बैठाया जा रहा है, ऐसे मे इन वाहनों की अगर हम कंडीसन की बात करें तो वह सड़क पर ठीक ढंग से चलने की स्थिति मे भी नही है, किसी का ब्रेक ठीक नही है, तो किसी का टायर ठीक नही है, तो किसी का कागज पत्र फेल है, तो किसी का जिटी रोड पर चलने का भी परमिशन नही है, बावजूद उसके यह वाहने पुलकार के नाम से धड़ल्ले से चल रही हैं और पुलकार चालक ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर मे स्कुल छात्र और छात्राओं की जान के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं, जिसमे वह दोषी तो हैं ही साथ मे वह अभिभावक भी हैं जो इन पुलकार चालकों को अपने बच्चों को स्कुल ले जाने और ले आने का जिम्मा सौंप रखे हैं, जिसको लेकर कई अभिभावकों ने घोर निंदा जताई और ऐसे पुलकार चालकों पर अविलम्ब कार्रवाई की मांग भी की वह इस लिये की हावड़ा के तरह आसनसोल मे भी किसी प्रकार की कोई घटना या दुर्घटना ना हो जाए और उस घटना मे कोई जानोमाल का नुकसान ना हो जाए










