*सीतारामपुर* : माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत सीतारामपुर जंक्शन आज अपनी सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं के लिए जगमगा रहा है। स्टेशन के इस कायाकल्प के पीछे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का कड़ा संघर्ष और 3 साल पहले किया गया ऐतिहासिक 12 घंटे का अनशन है, जिसके
परिणामस्वरूप आज यह स्टेशन ‘अमृत भारत’ की श्रेणी में शामिल होकर भव्य रूप ले चुका है।
इस संबंध में अदिकर्ना फाउंडेशन के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा ने कहा
सुविधाएं बढ़ीं, पर ट्रेनें घटीं यात्रियों की बढ़ती मुश्किलें स्टेशन परिसर तो चमक रहा है, लेकिन पटरियों पर पसरा सन्नाटा स्थानीय जनता, यात्रियों और युवाओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ‘अदिकर्ना फाउंडेशन’ के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ईमेल और पत्र के माध्यम से अवगत कराया है।
संतोष कुमार वर्मा ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कोरोना काल के समय से रद्द की गई महत्वपूर्ण मेमू लोकल ट्रेनें (विशेषकर सुबह 4:30 बजे वाली कोड लाइन डाउन ट्रेन और रात्रि 11:00 बजे की अप लोकल कोड लाइन) अभी तक बहाल नहीं हुई हैं। इसके कारण गरीब यात्रियों को आसनसोल से सीतारामपुर, कुल्टी, बराकर, या कुमारडूबी स्टेशन आने के लिए ₹200 से ₹500 तक का अतिरिक्त भाड़ा चुकाना पड़ रहा है। तूफान एक्सप्रेस, बनारस अमृतसर एक्सप्रेस और चितरंजन-कोलकाता फ़ास्ट पैसेंजर, मुजफ्फरपुर बरौनी पैसेंजर जैसी ट्रेनों का स्टॉपेज खत्म होने से रोजगार और व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है।
अदिकर्ना फाउंडेशन सामाजिक संस्था की मुख्य मांगें,फाउंडेशन ने जनहित में निम्नलिखित ट्रेनों के ठहराव की पुरजोर मांग की है:
1/मिथिला एक्सप्रेस: डाउन दिशा में ठहराव।
2/ काठगोदाम एक्सप्रेस: अप दिशा में ठहराव।
3/टाटा बक्सर अप डाउन में काफी लंबे समय से मांगे
4/ कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस: अप और डाउन दोनों दिशाओं में (अयोध्या जाने वाले यात्रियों के लिए)।
साथ ही मेमू लोकल ट्रेनों की बहाली सुबह और देर रात की लोकल ट्रेनों को पुनः शुरू करना प्रमुख हैं। पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिन पर ‘ऐतिहासिक उपहार’ की उम्मीद संतोष कुमार वर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री जी हमेशा ‘लोकल टू वोकल’ और जन-जन के विकास की बात करते हैं। हमने मांग की है कि आगामी 25 दिसंबर को भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर यदि इन ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित होता है, तो यह क्षेत्र की जनता के लिए एक ऐतिहासिक उपहार होगा। इससे न केवल जनता का विश्वास सरकार के प्रति और सुदृढ़ होगा, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।”
संघर्ष से सफलता तक का सफर
उल्लेखनीय है कि सीतारामपुर स्टेशन को यह दर्जा दिलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर आंदोलन किया था। आज स्टेशन भव्य है, यात्री सुविधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन ट्रेनों का ठहराव ही इस स्टेशन की असली सार्थकता सिद्ध करेगा। अदिकर्ना फाउंडेशन इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत है ताकि सीतारामपुर और नियामतपुर की जनता की 30 वर्षों से अधिक लंबित मांगें पूरी हो सकें।










