*“ISPian होने पर गर्व !..”*
Burnpur Club में प्रेरणा, गौरव और राष्ट्रभाव से भरी एक यादगार संध्या !.
कल Burnpur Club के सामाजिक संध्या कार्यक्रम में Charles Borromeo—पद्मश्री सम्मानित, ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता—का मुख्य अतिथि के रूप में आगमन हम सभी ISPians के लिए अत्यंत गौरव का क्षण था। सचमुच, यह अवसर प्रेरणा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से ओत-प्रोत रहा।
श्री चार्ल्स बोर्रोमियो भारतीय एथलेटिक्स के उन चमकते सितारों में से हैं, जिनकी उपलब्धियाँ समय से परे प्रेरणा देती हैं। 1982 एशियाई खेल (दिल्ली) में 800 मीटर दौड़ में 1:46.81 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारत का नाम रोशन किया—इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें 1982 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने 1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सर्वोच्च मंच होता है।
भले ही शीर्ष स्तर पर उनका प्रतिस्पर्धी करियर अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहा हो, परंतु उनके योगदान का प्रभाव व्यापक और दीर्घकालिक रहा। भारतीय खेलों के लिए उनकी सेवाओं को देखते हुए 1984 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया—यह सम्मान उनकी उपलब्धियों और चरित्र, दोनों का प्रमाण है।
खेल से संन्यास के बाद भी श्री बोर्रोमियो ने देश की सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। Special Olympics Bharat के नेशनल स्पोर्ट्स डायरेक्टर के रूप में उन्होंने समावेशी खेल संस्कृति को सशक्त किया, विशेष रूप से बौद्धिक दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अवसर और सम्मान का मार्ग प्रशस्त किया। यह दिखाता है कि सच्चा चैंपियन पदक के बाद भी समाज को संवारता है।
Burnpur Club में उनकी उपस्थिति ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी को यह संदेश भी दिया कि अनुशासन, निरंतरता और सेवा-भाव से ही महानता गढ़ी जाती है। यह संध्या हम सभी के लिए यादगार रही—एक ऐसी प्रेरणा, जो भविष्य की राह को उज्ज्वल करती है।”
*सादर,*
सुशील कुमार सुमन
Honorary Secretary
Burnpur Club








