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*11वें स्पिक मैके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के कर्टन रेज़र में उस्ताद अमजद अली ख़ान ने आईआईटी खड़गपुर को किया मंत्रमुग्ध*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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प्रेस विज्ञप्ति

*11वें स्पिक मैके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के कर्टन रेज़र में उस्ताद अमजद अली ख़ान ने आईआईटी खड़गपुर को किया मंत्रमुग्ध*

खड़गपुर, 15 जनवरी 2026:  भारतीय सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता के अनुपम संगम का साक्षी बनते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने 14 जनवरी 2026 को पद्म विभूषण उस्ताद अमजद अली ख़ान द्वारा प्रस्तुत भावविभोर कर देने वाले सरोद वादन का आयोजन किया। यह संगीतमय संध्या 11वें स्पिक मैके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 के कर्टन रेज़र के रूप में आयोजित की गई तथा यह आयोजन आईआईटी खड़गपुर के 75वें प्लेटिनम जयंती समारोह का एक गौरवपूर्ण अंग रहा। स्पिक मैके आईआईटी खड़गपुर चैप्टर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अतिथियों की अभूतपूर्व सहभागिता देखने को मिली, जिसने समग्र शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

*एक पावन वातावरण और जीवंत विरासत*

नेताजी ऑडिटोरियम को संगीत के एक पवित्र धाम में परिवर्तित कर दिया गया, जहाँ लगभग 2,000 श्रोताओं ने पूर्ण मौन और श्रद्धा के साथ इस ऐतिहासिक प्रस्तुति का अनुभव किया। स्पिक मैके के संस्थापक डॉ. किरण सेठ के मूल सिद्धांतों का पालन करते हुए, प्रदर्शन स्थल को “पूजा स्थल” के रूप में मान्यता दी गई और सभी दर्शकों ने ऑडिटोरियम में प्रवेश से पूर्व अपने जूते उतारे। इस परंपरा ने वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की और श्रोताओं को संगीत से गहराई से जोड़ दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर सी. एस. कुमार, प्रमुख, स्पिक मैके आईआईटी खड़गपुर चैप्टर, ने कहा: “डॉ. किरण सेठ द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का पालन करते हुए जब लगभग 2,000 लोग ध्यानपूर्ण मौन में बैठे, तब यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि उस्ताद अमजद अली ख़ान की संगीत सेवा के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर की आत्मा को स्पंदित करने वाला एक आध्यात्मिक अनुभव बन गया।”

दीप प्रज्वलन एवं प्रस्तुतिकार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर रिंटू बनर्जी, कार्यवाहक निदेशक, आईआईटी खड़गपुर; कैप्टन अमित जैन, रजिस्ट्रार, आईआईटी खड़गपुर; एवं सम्मानित कलाकारों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उस्ताद अमजद अली ख़ान का संगत प्रदान किया: पं. मिथिलेश झा, जो पिछले तीन दशकों से उस्ताद जी के साथ संगत कर रहे हैं, तथा श्री रोहन बोस, कोलकाता के एक उभरते हुए युवा तबला वादक। अत्यधिक मांग के कारण एस. एन. बोस ऑडिटोरियम भी दर्शकों से भर गया, जबकि रमन ऑडिटोरियम में लाइव प्रसारण के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रोताओं ने कार्यक्रम का आनंद लिया।

*आगे की झलक*

यह संगीतमय संध्या 25 से 31 मई 2026 के बीच आयोजित होने वाले 11वें स्पिक मैके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की ओर अग्रसर होने वाली कई प्रतिष्ठित प्रस्तुतियों की शुरुआत है। अगला कर्टन रेज़र कार्यक्रम पंडित विश्व मोहन भट्ट द्वारा 23 जनवरी 2026 को स्प्रिंग फेस्ट, आईआईटी खड़गपुर के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के दौरान आयोजित किया जाएगा। 11वें स्पिक मैके अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 को एचसीएल फाउंडेशन, पर्सिस्टेंट, एसबीआई पेमेंट्स एवं एसआरएफ फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है।

*स्पिक मैके: युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का संकल्प*

पिछले चार दशकों से अधिक समय से स्पिक मैके भारत की शास्त्रीय, लोक एवं पारंपरिक कला विधाओं को युवाओं तक पहुँचाने हेतु सतत प्रयासरत है। संगीत कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, योग सत्रों, व्याख्यानों, विरासत यात्राओं, फिल्म प्रदर्शन एवं शिल्प अनुभवों के माध्यम से यह संस्था सांस्कृतिक चेतना एवं सौंदर्यबोध को प्रोत्साहित करती है।

*75 वर्षों की उत्कृष्टता का उत्सव: आईआईटी खड़गपुर*

भारत के प्रथम आईआईटी के रूप में 1951 में स्थापित आईआईटी खड़गपुर अपने 75वें प्लेटिनम जयंती वर्ष का गौरवपूर्ण उत्सव मना रहा है। यह वर्ष संस्थान की समृद्ध विरासत, वैश्विक प्रभाव और राष्ट्र व विश्व के लिए नेतृत्व एवं नवाचार के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।