*“ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे, जग रोये।”*
“आज एक ऐसा संदेश आया, जिसे पढ़कर विश्वास नहीं हुआ
अजित पवार साहब नहीं रहे। उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।”
कुछ पल के लिए समय थम गया।
और फिर, जैसे पूरे महाराष्ट्र की धड़कन रुक गई।
यह केवल एक राजनीतिक खबर नहीं थी।
*यह एक जनभावना का टूट जाना था।*
आज कबीर जी की वह अमर पंक्ति अचानक अत्यंत सटीक लगने लगी—
*“कबीरा जब हम पैदा हुए,*
*जग हँसे, हम रोये।*
*ऐसी करनी कर चलो,*
*हम हँसे, जग रोये।”*
आज महाराष्ट्र रो रहा है…
क्योंकि आज एक ऐसा नेता चला गया,
जिसकी उपस्थिति सत्ता से कहीं बड़ी थी।
*““Permanent Deputy Chief Minister” नहीं, Permanent Presence थे”*
अजित पवार साहब को लोग मज़ाक में नहीं, स्नेह में कहते थे
*“दादा तो दादा हैं*… पार्टी कोई भी हो, Deputy CM फिक्स है।”
यह बात केवल सत्ता की निरंतरता नहीं बताती,
यह उनके प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक पकड़ और जनविश्वास का प्रमाण थी।
वह एक ऐसे नेता थे जो विपक्ष में भी प्रभावशाली रहते थे
और सत्ता में भी ज़मीन से जुड़े रहते थे।
नेता नहीं, एक भावनात्मक रिश्ता थे
आज दुख केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है।
*नेता हों या अभिनेता, मित्र हों या विरोधी—*
*“हर आंख नम है।”*
क्यों?
क्योंकि अजित पवार साहब राजनीति के उन दुर्लभ चेहरों में से थे
जिनसे लोग असहमति रख सकते थे,
पर नफरत नहीं कर सकते थे।
*उनके विरोधी भी उन्हें सम्मान से “दादा” ही कहते थे।*
*महाराष्ट्र की आत्मा में बसने वाला व्यक्तित्व*
‘बारामती से लेकर मुंबई तक,
विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा तक,
उनकी छवि एक ऐसे कर्मठ जननेता की थी
जो निर्णय लेता था, काम कराता था,
और अपनेपन से लोगों को जोड़ता था।
*आज महाराष्ट्र ने एक प्रशासक नहीं खोया,*
*आज महाराष्ट्र ने एक भरोसा खोया है।*
*“दुर्घटना नहीं, एक युग का अंत”*
विमान दुर्घटना ने केवल एक शरीर छीना है,
पर एक पूरा युग साथ ले गई है।
यह त्रासदी हमें फिर याद दिलाती है—
*“जीवन कितना क्षणभंगुर है,*
और नेतृत्व कितना अमूल्य।”
*““Love You Dada” — जनता की अंतिम पुकार”*
आज हर दिल के भीतर बस एक ही वाक्य गूंज रहा है—
*Love you Dada.*
*We will always miss you. 🙏*
“यह विदाई नहीं,
यह एक राज्य की सामूहिक करुणा है।”
“”श्रद्धांजलि”*
अजित पवार साहब चले गए,
लेकिन उनके निर्णय, उनकी छवि, उनका नाम
महाराष्ट्र के जनमानस में हमेशा रहेगा।
आज महाराष्ट्र रो रहा है…
और यही कबीर की सच्ची व्याख्या है—
उन्होंने ऐसी करनी की
कि आज जग रो रहा है।
*ॐ शांति।*
*भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏*
✍️ सुशील कुमार सुमन
अध्यक्ष, IOA
सेल, आईएसपी, बर्नपुर










