Dastak Jo Pahunchey Har Ghar Tak

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email

*खड़गपुर में नारी शक्ति का सम्मान : आत्मजा फाउंडेशन ने 300 महिलाओं को किया सम्मानित*

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

*अमितेश कुमार ओझा,* *खड़गपुर :* नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खड़गपुर में आत्मजा फाउंडेशन की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय करीब 300 महिलाओं को सम्मानित किया गया और उन्हें उपहार सामग्री भेंट कर उनके योगदान को सराहा गया।

कार्यक्रम का माहौल उत्साह और सम्मान से भरा रहा, जहां महिलाओं की भूमिका और उनके संघर्षों को याद करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
फाउंडेशन की सचिव जया दास सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। आज महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। उनके योगदान को सम्मान देना और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि एक समान और सुंदर समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को अवसर और सम्मान देना बेहद जरुरी है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। इनमें खड़गपुर टाउन विमेंस पुलिस स्टेशन की आईसी प्रतिभा हालदार, वार्ड संख्या 12 के काउंसलर विष्णु प्रसाद, वार्ड 20 की काउंसलर पी. प्रभावती, वार्ड 8 की काउंसलर जयश्री पाल, हॉली बर्ड स्कूल की प्रिंसिपल मेहिजामेन,
आर्य विद्यापीठ की शिक्षिका शिखा, शिक्षक अरिंदम, श्राबणी चक्रवर्ती, तपन सेनगुप्त, असीम नाथ, एड वर्मन, एस. ए. खान, अमित मिश्रा, राहुल शर्मा, सोनू सिंह, प्रियंका मजुमदार, देवयानी पात्र, जहीर, रुम्पा सिंह सहित फाउंडेशन के कई सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें समाज में आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि आत्मजा फाउंडेशन की यह पहल न केवल महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और नारी सशक्तिकरण के संदेश को भी मजबूती से सामने लाई। महिलाओं के आत्म सम्मान का यह संघर्ष अब रुकने वाला नहीं है।