बोसीसीएल सीभी एरिया बारह के मनबड़िया निचे धौड़ा मे क़्वार्टर खाली करने की नोटिस से मचा हड़कंप
विधायक अजय पोद्दार ने फाड़े बीसीसीएल प्रबंधन के नोटिस
क्वार्टर खाली कराने के फरमान का किया जबरदस्त विरोध
बंटी खान बराकर। बीसीसीएल सीवी एरिया बारह के मनबड़िया शिव मंदिर नीचे धौड़ा में बीसीसीएल क्वार्टर खाली करने को लगाई गयी नोटिस को लेकर मचा हड़कंप, प्रबंधन द्वारा सात दिनों के भीतर क्वार्टर खाली करने का नोटिस आवासों के बाहर चिपकाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक डॉ. अजय पोद्दार मौके पर पहुंचे और प्रबंधन के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए सभी के घरों पर दी गयी नोटिस को खुद अपने हाथों से उखाड़कर फाड़ हवा मे उड़ा दिया, जिससे सहमे ओर हदसे ग्रामीणों मे एक बार जोस आ गया,
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीसीसीएल प्रबंधन ने नीचे धौड़ा क्षेत्र में रह रहे लोगों को सात दिनों के अंदर क्वार्टर खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। इसके लिए प्रबंधन की ओर से क्वार्टरों पर आधिकारिक तौर नोटिस चिपकाया गया था। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश था कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या ठोस बातचीत के उन्हें बेदखल किया जा रहा है,सूचना पाकर मौके पर पहुँचे विधायक डॉ. अजय पोद्दार जैसे ही नीचे धौड़ा पहुंचे, उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और प्रबंधन की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। उन्होंने आक्रोशित होकर क्वार्टरों की दीवारों पर लगे नोटिस उखाड़ दिए और उन्हें मौके पर ही फाड़कर फेंक दिया।
डॉ. अजय पोद्दार ने कहा की प्रबंधन इस तरह जबरन लोगों को बेघर नहीं कर सकता। बिना किसी सार्थक बातचीत और विस्थापन नीति के इस तरह का नोटिस देना जनविरोधी है,
वही बिधायक ने जीएम को दी लिखित सूचना
विधायक ने केवल मौके पर विरोध ही नहीं किया, बल्कि बीसीसीएल के महाप्रबंधक को भी लिखित रूप से पत्र जारी किया है। उन्होंने मांग की है कि प्रबंधन द्वारा जारी किए गए नोटिस को तत्काल वापस लिया जाए। जब तक इस विषय पर प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित लोगों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होती, तब तक कोई भी कार्रवाई न की जाए। स्थानीय लोगों के पुनर्वास और उनकी सुरक्षा पर पहले स्पष्ट चर्चा हो।






विधायक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि प्रबंधन अपनी मनमानी बंद करे। यदि बातचीत से पहले किसी भी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई या घरों को खाली कराने की कोशिश की गई, तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन की होगी। इस दौरान उनके साथ भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और समर्थक उपस्थित थे।










