📢 प्रेस विज्ञप्ति
भारतीय जनता पार्टी, आसनसोल जिला संगठन
आसनसोल
“पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप, नीति और बजट वितरण में भेदभाव का दावा”
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर “तुष्टिकरण की राजनीति” को संस्थागत रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन, संसाधनों के वितरण तथा कानून के अनुपालन में पक्षपातपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं।
माननीय केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah द्वारा जारी भाजपा के चार्जशीट में वोट बैंक आधारित कई निर्णयों का उल्लेख किया गया है। चार्जशीट के अनुसार 77 समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किया गया था, जिनमें से 75 एक विशेष समुदाय से संबंधित बताए गए हैं। इस निर्णय को बाद में Calcutta High Court द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग का बजट ₹472 करोड़ से बढ़ाकर ₹5,530 करोड़ से अधिक कर दिया गया है। साथ ही धार्मिक नेताओं को आर्थिक लाभ दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
बजट वितरण में असंतुलन का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि अल्पसंख्यक आधारित योजनाओं के लिए लगभग ₹5,713 करोड़ आवंटित किए गए, जबकि पिछड़े वर्गों के लिए ₹2,533 करोड़ ही निर्धारित किए गए। छात्रवृत्ति योजनाओं में भी असमानता का आरोप लगाया गया है।
इसके अतिरिक्त एनपीआर, सीएए और एनआरसी के विरोध का उल्लेख करते हुए सीमा प्रबंधन, घुसपैठ तथा वक्फ संपत्तियों के सत्यापन में अनियमितताओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
चार्जशीट में मुर्शिदाबाद, भांगर, रिशड़ा और मोमिनपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए चयनात्मक पुलिस कार्रवाई तथा प्रशासनिक देरी के आरोप लगाए गए हैं। कुछ मामलों में न्यायालय द्वारा केंद्रीय बलों की तैनाती के निर्देश दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
भाजपा के अनुसार, ये सभी घटनाएं “समानता, विकास और कानून के शासन के बजाय तुष्टिकरण आधारित शासन व्यवस्था के एक संस्थागत मॉडल” की ओर संकेत करती हैं।
🗣️ जिला अध्यक्ष का वक्तव्य
आसनसोल संगठन जिला अध्यक्ष माननीय देवतनु भट्टाचार्य ने कहा—
“पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति को संस्थागत रूप दिया गया है। प्रशासन को सभी नागरिकों के लिए समान रूप से कार्य करना चाहिए, न कि किसी विशेष वोट बैंक के लिए। राज्य की जनता प्रतिदिन इस भेदभाव को महसूस कर रही है।”










