बर्नपुर: सेल-आईएसपी के ‘पीले पंजे’ ने ढहाया 20 साल पुराना INTTUC कार्यालय, श्रमिकों में भारी आक्रोश।
आसनसोल:बर्नपुर पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे प्रबंधन ने महज तीन दिन का नोटिस देकर इस पुराने कार्यालय को जमींदोज़ कर दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय राजनीतिक और श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश है।20 साल पुराने कार्यालय पर कार्रवाईयह कार्यालय टीएमसी के वरिष्ठ श्रमिक नेता कुलवंत सिंह का मुख्य केंद्र था। कुलवंत सिंह ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से इस जगह से विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। यहाँ से न केवल श्रमिकों की आवाज़ बुलंद होती थी, बल्कि हर साल शहीद भगत सिंह की जयंती भी धूमधाम से मनाई जाती थी। इसी कार्यालय से निकलने वाली रैलियाँ बर्नपुर के भगत सिंह मोड़ तक जाती थीं।तीन दिन के नोटिस पर सवालश्रमिक नेता कुलवंत सिंह ने आईएसपी प्रबंधन की इस त्वरित कार्रवाई पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “प्रबंधन ने हमें केवल तीन दिन का समय दिया और आज अचानक बुलडोज़र चला दिया। इतने कम समय में व्यवस्था बदलना नामुमकिन था। अब हमारे सामने संकट खड़ा हो गया है कि भविष्य में श्रमिकों के हित और सामाजिक कार्यों का संचालन कहाँ से किया जाएगा।”आईएसपी का अभियान जारीगौरतलब है कि सेल-आईएसपी प्रशासन पिछले कुछ दिनों से अपनी जमीनों पर बने अवैध निर्माणों और भवनों को खाली कराने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है। प्रबंधन का साफ कहना है कि कंपनी की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद बर्नपुर बस स्टैंड इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।










