ओवरलोड डंपरों से तबाह सड़कें, धूल से परेशान लोग, प्रशासन मौनविशेष
कुल्टी।बोराचक और राधानगर साइडिंग से कथित तौर पर ओवरलोड डंपरों का संचालन लगातार जारी है। नियमों की धज्जी उड़ाकर चल रहे इन भारी वाहनों के कारण न सिर्फ इलाके की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, बल्कि समूचा क्षेत्र भीषण धूल-प्रदूषण की चपेट में आ गया है। स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह मौन साधे बैठा है।कोयले की धूल से सांस लेना दूभर, लग रहा भारी जामस्थानीय निवासियों का आरोप है कि खुले डंपरों से उड़ती कोयले की डस्ट लोगों के घरों, दुकानों और खेतों तक पहुंच रही है। इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है और स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, दोपहर के समय डंपरों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण नियामतपुर क्षेत्र में रोजाना भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है। वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक माल लादा जा रहा है, जिससे हर वक्त किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।प्रशासनिक संरक्षण का आरोप, ठेकेदार के प्रभाव की चर्चापीड़ित जनता ने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि बिना स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा अवैध खेल संभव नहीं है। इस बीच, बोराचक साइडिंग में लोडिंग का ठेका लेने वाले मुहम्मद मिस्टर के रसूख और प्रभाव की चर्चा भी पूरे इलाके में जोरों पर है।राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोशकांग्रेस के कुल्टी ब्लॉक अध्यक्ष सुखकांत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “भाजपा सरकार के दावों के बावजूद इलाके में फिर से माफिया राज शुरू हो गया है। पुलिस को इस पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव गुरविंदर सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा, “नागरिकों की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ओवरलोड डंपरों के परिचालन पर तुरंत प्रभावी लगाम लगाई जानी चाहिए।”अधिकारियों ने साधी चुप्पीइस संबंध में जब रामपुर चेकपोस्ट आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि इस विषय पर केवल उच्च अधिकारी ही आधिकारिक बयान दे सकते हैं।जांच और सख्त कार्रवाई की मांगइलाके के त्रस्त लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) से संयुक्त रूप से मामले की निष्पक्ष जांच करने, ओवरलोडिंग को रोकने और बिना तिरपाल के खुले में कोयला ढोने वाले डंपरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।










