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आस्था का सैलाब: सावन की पहली सोमवारी से पहले सिद्धेश्वरी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, विश्वकर्मा युवा मंच ने बांटा शरबत

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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आस्था का सैलाब: सावन की पहली सोमवारी से पहले सिद्धेश्वरी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, विश्वकर्मा युवा मंच ने बांटा शरबत

बराकर: सावन की पहली सोमवारी की पूर्व संध्या पर रविवार को बराकर के ऐतिहासिक सिद्धेश्वरी मंदिर के मुख्य द्वार पर आस्था, अनुशासन और सेवा का एक विहंगम दृश्य देखने को मिला। सावन की पहली सोमवारी से कुछ घंटे पहले दिशेरगढ़ नदी घाट से पवित्र जल भरकर बाबा भोलेनाथ को अर्पण करने पहुंच रहे हजारों श्रद्धालुओं के लिए अखिल भारतीय विश्वकर्मा युवा मंच की ओर से विशाल शरबत वितरण शिविर का आयोजन किया गया। उमड़ती भीड़ के बीच शिवभक्तों ने शरबत पीकर राहत महसूस की और पूरा परिसर भगवान शिव की भक्ति में तल्लीन नजर आया।सुचारू व्यवस्था और सामाजिक एकजुटतासमाज सेवा और सांस्कृतिक एकजुटता के प्रतीक बन चुके इस भव्य कार्यक्रम की कमान अखिल भारतीय विश्वकर्मा युवा मंच के कुल्टी अध्यक्ष शेखर कर्मकार ने संभाली। उनके नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता—विजय विश्वकर्मा, अजय शर्मा, विकास विश्वकर्मा और शुभम शर्मा सहित दर्जनों युवाओं ने पूरी तत्परता से व्यवस्था संभाली। कार्यकर्ताओं ने न केवल श्रद्धालुओं के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें दिशा-निर्देश देने में भी प्रशासन व मंदिर कमेटी की सहायता की। युवाओं के इस अनुशासन के कारण हजारों की भीड़ के बावजूद पूरा आयोजन बेहद सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।स्थानीय लोगों ने की सराहनाअखिल भारतीय विश्वकर्मा युवा मंच के आयोजकों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक भक्ति के साथ समुदाय सेवा को जोड़ना था, ताकि दूर-दराज से पैदल आ रहे तीर्थयात्रियों को थोड़ी राहत और आराम मिल सके। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने युवा मंच के इस सराहनीय कदम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे सामाजिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और श्रद्धा को भी मजबूत करते हैं। सावन की इस पावन बेला में यह आयोजन धार्मिक भावना और मानवतावाद का एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।

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