“रात को वसूली, दिन में नौटंकी”: धूल प्रदूषण पर कांग्रेस का बीजेपी पर तीखा हमला
डंपरों से तोलाबाजी कर खुद बढ़ा रहे प्रदूषण, फिर कर रहे विरोध का ड्रामा
कुल्टी: कुल्टी विधानसभा के दिशेरगढ़,संकतोड़िया नियामतपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते धूल प्रदूषण और अवैध डंपरों की बेलगाम आवाजाही को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। ओबीसी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राजेश शर्मा ने बीजेपी और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक सोची-समझी “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया है।शनिवार को पत्रकारों से तीखी बातचीत में शर्मा ने सीधे शब्दों में कहा कि बीजेपी के कुछ नेता दिन के उजाले में प्रदूषण के नाम पर प्रदर्शन का ढोंग करते हैं, जबकि रात के अंधेरे में उन्हीं के लोग अवैध डंपरों और ट्रकों से धड़ल्ले से तोलाबाजी (अवैध वसूली) कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह जनता की आंखों में धूल झोंकने की साजिश है। पहले खुद प्रदूषण बढ़ाओ, फिर कैमरे के सामने आकर विरोध का ड्रामा करो।”सरकारी विभागों की नीयत पर उठाए गंभीर सवालकांग्रेस नेता ने केवल विपक्ष पर ही नहीं, बल्कि प्रशासन की उदासीनता पर भी तीखे तीर चलाए। उन्होंने कहा कि राज्य में पीडब्ल्यूडी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं। अगर स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधि सचमुच गंभीर हैं, तो वे जिला मजिस्ट्रेट (DM) और प्रदूषण बोर्ड के माध्यम से महज 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई करवा सकते हैं, लेकिन यहाँ सिर्फ और सिर्फ नीयत की कमी साफ नजर आ रही है।कांग्रेस की चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो होगा उग्र आंदोलनराजेश शर्मा ने याद दिलाया कि 2 साल पहले कांग्रेस ने ही सड़कों पर उतरकर मास्क वितरण किया था और ट्रैफिक विभाग को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था, जिससे जनता को कुछ समय के लिए राहत मिली थी। उन्होंने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अवैध डंपरों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस आम जनता को साथ लेकर एक बड़े और शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।बुजुर्गों और बच्चों की सेहत दांव पर, मास्क पहनने की अपीलबढ़ते धूल के गुबार से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे जानलेवा असर को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता ने स्थानीय निवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों से निकलते समय मास्क और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।










