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संविदा श्रमिकों के न्यायसंगत वेतन की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर BMS, बर्नपुर ने 18 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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संविदा श्रमिकों के न्यायसंगत वेतन की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर

BMS, बर्नपुर ने 18 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान

बर्नपुर, 26 अक्टूबर 2026।

संविदा श्रमिकों के नए वेतनमान को लागू कराने की लंबी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। वर्षों से अपने जायज़ अधिकारों और न्यायसंगत वेतन की मांग कर रहे संविदा श्रमिकों के धैर्य की परीक्षा अब और नहीं ली जा सकती। इसी संकल्प के साथ आज, 26 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजे BMS, बर्नपुर के यूनियन कार्यालय में संविदा श्रमिकों की एक विशाल बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपस्थित श्रमिकों ने एक स्वर में कहा कि अपने वैध अधिकारों की प्राप्ति के लिए अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है। लंबे समय से प्रयासों और विभिन्न स्तरों पर मांग उठाने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण, उपस्थित श्रमिकों की सहमति से 18 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संविदा श्रमिकों के न्यायसंगत वेतन की मांग केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सम्मान, अधिकार और श्रम की उचित कीमत से जुड़ा प्रश्न है। श्रमिकों की मेहनत से औद्योगिक उत्पादन और विकास को गति मिलती है, इसलिए उन्हें उचित वेतन और सम्मानजनक कार्य-स्थितियाँ मिलना उनका जायज़ हक है।

BMS, बर्नपुर ने संकल्प व्यक्त किया कि संविदा श्रमिकों के अधिकारों की इस लड़ाई को एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और लोकतांत्रिक श्रमिक संघर्ष की भावना के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में उपस्थित श्रमिकों से आपसी एकता बनाए रखने और अपने अधिकारों की प्राप्ति तक संघर्ष के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया गया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अजय कुमार सिंह (अध्यक्ष, BIKS), संजीत बनर्जी (महासचिव, BIKS), महेश बनर्जी (अध्यक्ष, BTMS), संजीत प्रसाद (महासचिव, BTMS), रवि रजक, गणेश शो, चेतन शर्मा, मुरारी पोद्दार, ब्यूटी दास, तपस बाउरी, रणजीत सिंह, पार्थो दा, कालीपदो और कैलाश यादव सहित बड़ी संख्या में संविदा श्रमिक उपस्थित थे।

BMS, बर्नपुर का संदेश स्पष्ट है—संघर्ष किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों को उनका जायज़ हक दिलाने के लिए है। एकता हमारी ताकत है, संघर्ष हमारा संकल्प है और न्यायसंगत वेतन हमारी मांग है।

“जब तक संविदा श्रमिकों को उनका जायज़ अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष का संकल्प कमजोर नहीं पड़ेगा।”

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