बराकर।हल्की सी हवा और बारिश ने 12 जून 2023 को पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक अधिकारियों की पोल खोल दी। कुल्टी क्षेत्र का नजारा कुछ इस तरह सामने आया कि विभिन्न स्थानों पर बिजली के तार टूट गए, जिसके कारण पुलिस स्टेशन और पीएससी में लाइन नहीं रही और तमाम जगहों पर अंधेरा छा गया।
इसी बीच, कुल्टी के सबसे बड़े अस्पताल प्रायमरी हेल्थ सेंटर, जिसे हम रानी बंगाल के नाम से जानते हैं, में भी चारों ओर अंधेरा छा गया था। हमारी जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती तमाम पेशेंट्स को यह कहकर घर भेज दिया गया कि बिजली की समस्या है और आप यहाँ नहीं रह सकते। दुर्भाग्यपूर्ण यह था कि इस दौरान न जाने कितने इमरजेंसी पेशेंट्स अस्पताल में आए लेकिन बिजली न होने के कारण उन्हें भी घर भेज दिया गया।
अस्पताल में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की जो वैक्सीन होती है, उसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखना होता है। लेकिन बिना बिजली के वैक्सीन की गुणवत्ता पर असर पड़ा। अस्पताल में जनरेटर होने के बावजूद जनरेटर चालू नहीं किया गया क्योंकि तेल की व्यवस्था नहीं थी।
सबसे चिंता की बात यह है कि पिछले 36 घंटों से अस्पताल में बिजली उपलब्ध नहीं है। इस दौरान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से कई मरीज़ों और उनके परिवारों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है।
इस दुर्व्यवहार और लापरवाही के कारण 14 तारीख को बिना वैक्सीनेशन की जांच के तमाम बच्चों को वैक्सीन दे दी गई। मैंने अपनी पूरी पार्टी की तरफ से इस मामले की शिकायत बराकर थाना, डीएम, सीएमएस और बराकर हेल्थ सेंटर को दर्ज कराई है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और तब तक वैक्सीनेशन को रोका जाए।
इस मामले पर बात करते हुए पश्चिम बर्दवान यूथ कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट रवि यादव ने कहा, “यह बहुत बड़ी घटना हो सकती है। बच्चों की वैक्सीन और उनकी लाइफ के साथ जिस तरीके से बराकर प्राइमरी हेल्थ सेंटर ने रवैया दिखाया है, वह निंदनीय है। इसके लिए एक कमेटी की गठन होनी चाहिए और इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।”
कुल्टी के तमाम लोग इस घटना से चिंतित हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
यह थी हमारी रिपोर्ट, हम आपको इस मामले की हर अपडेट देते रहेंगे।


















