*“विश्व पुस्तक दिवस!.. 📚”*
*पुस्तकें* केवल कागज़ और शब्दों का संग्रह नहीं होतीं,
वे अनुभवों का खजाना, ज्ञान का दीपक और *विचारों का आकाश होती हैं।*
हर पुस्तक हमें *एक नई दुनिया से परिचित* कराती है,
जहाँ सपने उड़ान भरते हैं और सोच को नया विस्तार मिलता है।
*पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं—*
जो बिना कुछ माँगे हमें बहुत कुछ दे जाती हैं।
वे अज्ञान के अंधकार को मिटाकर
जीवन में समझ, संस्कार और प्रेरणा भर देती हैं।
*आज विश्व पुस्तक दिवस पर संकल्प लें—*
हर दिन कुछ नया पढ़ेंगे,
ज्ञान को अपनाएँगे,
और पुस्तकों से दोस्ती निभाएँगे।
*पढ़िए, सीखिए, आगे बढ़िए। 📚*
*विश्व पुस्तक दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई!..*
✍️ सुशील कुमार सुमन
अध्यक्ष, आईओए
सेल आईएसपी, बर्नपुर
#सुशीलकुमारसुमन
#युवा
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