*“नई सोच, नई ऊर्जा और नई दिशा का नाम है “युवा”।**
*रामायण काल के लक्ष्मण से लेकर आज के तकनीकी युग के संघर्षशील युवाओं तक*—हर दौर में युवाओं ने समाज को नई दिशा दी है। यही भाव साकार हुआ सुशील कुमार सुमन की पुस्तक “युवा” में, जो युवाओं की आत्मा, साहस और समर्पण की यात्रा का सजीव दस्तावेज है।
कल इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित *SAIL–SEFI मीटिंग* में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, कुछ पर गंभीर मंथन हुआ—और इसी बीच IOA के अध्यक्ष सुशील कुमार सुमन ने SAIL के *माननीय CMD श्री अमरेंदु प्रकाश Sir से मुलाकात की और अपनी कृति “YUVA” भेंट की।*
*CMD Sir ने “YUVA”* को सफलता की शुभकामनाएँ दीं और इस विचारधारा को “समय की आवश्यकता” बताया।
*मीटिंग के समापन पर, माननीय श्री K.K. सिंह (Director Personnel) Sir, ED (HR) Sir, Corporate Office टीम, SEFI चेयरमैन श्री नरेंद्र कुमार बंछोर, SEFI महासचिव श्री संजय आर्य, SEFI ऑफिस बेयरर्स और काउंसिल मेंबर्स ने “YUVA” का विधिवत लोकार्पण किया।*
कल सुबह सुशील कुमार सुमन ने इस पुस्तक की एक प्रति *लोटस टेम्पल लाइब्रेरी* में दान की और वहां उपस्थित आगंतुकों से *“YUVA”* के संदेश पर संवाद किया।
अंत में, उन्होंने *SAIL CMD Sir, DP Sir*, Corporate Office टीम, SEFI चेयरमैन, SEFI GS, SEFI काउंसिल मेंबर्स और *लोटस टेम्पल प्रबंधन* को अपनी ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया।
*“युवा वही जो स्वयं में परिवर्तन लाए और समाज को दिशा दे।”*
*“संघर्ष ही युवाओं का सबसे बड़ा शिक्षक है।”*
*“हर युग का निर्माण युवा करता है।”*
*“सुशील कुमार सुमन का ‘युवा’ – विचारों की क्रांति की नई शुरुआत।”*










