*✍️”कलाम की कलम”✍️*
“तमिलनाडु की धरती पे जन्मे, एक सच्चे भारतवासी,
सादगी, विज्ञान और कर्म में, जिनकी थी गहरी आत्मभाषी।
गरीबी की गोद में पले, पर हौसले थे आसमान,
नाम था उनका कलाम — *एक युग, एक विज्ञान महान।*
छोटी नावों के बीच बड़ा सपना उन्होंने बुना,
भारत को सशक्त बनाना — यही था जीवन का जुनून सुना।
कहा था उन्होंने —
*“सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं,*
*सपने वो हैं जो नींद उड़ा जाते हैं।”*
*कलम* उनकी थी शक्ति, उनकी पहचान,
जिससे लिखा उन्होंने भारत का नया विधान।
हर अक्षर में थी ज्योति, हर शब्द में विश्वास,
उनकी कलम ने बदल दिया युगों का इतिहास।
सेंट जोसेफ से लेकर MIT तक उड़ान,
ज्ञान की राहों पर चला वो महान।
DRDO से ISRO तक की यात्रा में,
लिख दी मिसाइलों की गाथा अमर भारत की पात्रा में।
अग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग — ये उनके कर्मों की निशानी,
देश के रक्षक, भारत के गौरव की कहानी।
पोखरण की मिट्टी ने जब विज्ञान का जयघोष किया,
दुनिया ने झुककर भारत का मान स्वीकार किया।
राष्ट्रपति बने वो विनम्र वैज्ञानिक,
जिनका हृदय था देश के हर नागरिक का संगीत।
*“भारत प्रथम”* था जिनका धर्म,
*“मानवता”* थी उनका कर्म।
उन्होंने कहा —
*“नेता वही जो युवाओं को प्रेरित करे,*
*जिसकी सोच में विकास और कर्म में सच्चाई भरे।”*
“इंडिया 2020” में देखा एक नया सवेरा,
जहाँ युवा थे राष्ट्र के भविष्य का बसेरा।
कहा उन्होंने —
*“देश की सबसे बड़ी पूँजी उसके युवा हैं,*
*जो सपनों को सच कर सकते हैं।”*
*आज भी जब कोई बच्चा कलम उठाता है,*
*तो उसमें कलाम की आत्मा मुस्कराती है।*
क्योंकि —
“कलम की ताकत तलवार से नहीं डरती,
वो ज्ञान की रोशनी से अंधियारा हरती।”
*🌸”सलाम है उस कलम को,*
जिसने भारत का भविष्य गढ़ा,
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम —
*एक नाम नहीं, एक युग, एक प्रेरणा का धरा।”🌸*
✍️ *“सुशील कुमार सुमन”*
अध्यक्ष, आईओ
सेल आईएसपी, बर्नपुर
#सुशीलकुमारसुमन
*#युवा*













