ईसीएल केंदा एरिया अंतर्गत पड़ने वाले सालडांगा आदिवासी पाड़ा में गुरूवार को दीसोम आदिवासी गौता की बैठक का आयोजन किया गया।वही बैठक के दौरान सालडांगा आदिवासी पाड़ा के पास संचालित हो रहे न्यू केंदा पैच ओसीपी में ब्लास्टिंग के कारण हो रही समस्या सहित आदिवासी समुदाय के लोगों को पुनर्वासित करने को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा किया गया।बैठक के उपरांत सालडांगा आदिवासी पाड़ा से विशाल जुलूस का आयोजन कर न्यू केंदा एजेंट कार्यालय पहुंच मांगो का ज्ञापन ईसीएल प्रबंधन को सौंपा गया।बैठक के दौरान दीसोम आदिवासी गौता के राज्य अध्यक्ष रोबिन सोरेन ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन सालडांगा इलाका में रहने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन के चक्कर में ईसीएल प्रबंधन अवैज्ञानिक पद्धति से ब्लास्टिंग कर रही है जिस कारण लोगों के घरों में दरार पड़ रही है तथा घर क्षतिग्रस्त हो रहा है।उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन कोयला उत्पादन करे लेकिन स्थानीय सालडांगा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पहले सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करें अन्यथा आगामी दिनों वृहत्तर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान सालडांगा आदिवासी पाड़ा निवासी मिथुन बाउरी ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन विगत पचास वर्षों से जमीन होने का दावा कर जमीन खोद कोयला उत्पादन कर रही है जबकि सालडांगा क्षेत्र के लोग पिछले डेढ़ सौ साल से इस जमीन पर रह रहे है।वही ऐसे में ईसीएल प्रबंधन से पहले स्थानीय लोगों का इस जमीन पर ज्यादा मालिकाना हक बनता है।उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन को सालडांगा इलाका में रहने वाले लोगों को आरआर पॉलिसी के तहत पुनर्वासित करना होगा तथा उचित मुआवजा प्रदान करना होगा।बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सालडांगा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पुनर्वासित करने की मांग पर ईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी दिनों वृहद आंदोलन किया जाएगा।बैठक के दौरान दीसोम आदिवासी गौता के पश्चिम बर्दवान जिला अधक्ष्य दिलीप सोरेन,राज्य परवेक्षक बबून मंडी,परिमल हेंब्रम,राजेश टुडू,जलधार हेंब्रम,मिथुन बाउरी,संजय सोरेन,होली बाउरी,अशोक बाउरी,गुड्डू बर्नवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।वही बैठक के पश्चात जुलूस का आयोजन कर न्यू केंदा कोलियरी के एजेंट प्रदीप विश्वास को मांगो का ज्ञापन सौंप तत्काल व्यवस्था करने की मांग किया गया।इस दौरान एजेंट प्रदीप विश्वास द्वारा उच्च अधिकारियों संग विषय को लेकर चर्चा करने के लिए आगामी 30 जनवरी तक का समय मांगा गया है।














