सीतारामपुर: आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत सीतारामपुर स्टेशन में ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस मैं चढ़ाने के दौरान एक यात्री का मोबाइल की पॉकेट मारी हो गई।
युवक द्वारा शोर मचाने पर लोगों ने चोर को पकड़ा। चोर ने मोबाइल पटरी पर फेंका। अपना मोबाइल उठाने के लिए
युवक द्वारा चैन पुलिंग किया गया और मोबाइल उठा लिया परन्तु उसी क्रम में सीतारामपुर आरपीएफ के जवान वहां पहुंच चोर के साथ जिनका मोबाइल था उन्हें भी आरपीएफ थाना ले गई और उसे दिन भर बिठा कर रखा गया.
खबर लिखे जाने तक आरपीएफ अपने हिरासत में रखी हुई है.
राजेश राव और देवराज गुप्ता दोनों जमुई जिले के चकाय के रहने वाले हैं।
चाचा भतीजा दोनों झाझा लोकल से सीतारामपुर पहुंचा और वहां से ट्रेन बदलकर ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस से धनबाद जा रहा था, तभी
ट्रेन में चढ़ने का समय ही भतीजा
देवराज गुप्ता की मोबाइल की पॉकेट मारी हो गई को पॉकेट मारी होते हुए भांप लिया कि उसके पकड़ से मोबाइल चोरी हुई है और वह चोर चोर चिल्लाने लगा तभी आस-पास के लोगों ने एक युवक को पकड़ा जिसके पास से मोबाइल फ़ोन बरामद हुआ। लोगों ने पुलिस को सूचना देने की बात कही तभी अपराधी युवक मोबाइल फ़ोन को पटरी में फेंक दिया। अपना फ़ोन उठाने के लिए देवराज द्वारा चैन पूलिंग किया गया। उसी दौरान आरपीएफ पहुंच गई। चोर और चाचा भतीजा दोनों को आरपीएफ थाना ले गई।
करीबन सुबह दस बजे से संध्या छह बजे तक चाचा भदैया।दोनों को सीतारामपुर और उसके बाद आसनसोल, आरपीएफ और जीआरपी कार्यालय में बिठाकर रखा गया.
साथ ही चैन पूलिंग करने का एक चार्ज लगाने की बात कही गई.
वहीं इस विषय पर सीतारामपुर आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि दोनों युवक मोबाइल चोरी की लिखित शिकायत नहीं दे रहे थे, इसलिए इनसे चैन पुलिंग का
चालान किया गया.
वहीं, आरपीएफ कमांडेंट ने इस विषय पर कहा कि
जानकारी लेकर ही पूरे घटना के विषय पर कुछ बता पाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल पॉकेटमारी का एक शिकायत
युवक जीआरपी कार्यालय में करें.
देवराज गुप्ता के परिजन राज प्रकाश साव।
जोकि नियामतपुर राधानगर के निवासी हैं, उन्होंने बताया कि मोबाइल चोर को पकड़कर लोगों द्वारा आरपीएफ को सौंप दिया गया मोबाइल देवराज का धनबाद में नौकरी के लिए एक इंटरव्यू की तारीख थी परंतु आरपीएफ के जिम्मावार कर्मियों द्वारा उसे ही चैन पूलिंग क्यों किया। इस विषय पर को लेकर सुबह दस बजे से लेकर छवयतक बिठाकर रखा गया.
जिसका मोबाइल चोरी हुआ उसी को ही चोरों की भांति दिन भर बिठाना समझ के परे है.










