ईसीएल के नोटिस से संकतोड़िया के दुकानदारों में हड़कंप, 15 दिनों में दुकान खाली करने का फरमान
कोलियरी मोड़ के छोटे व्यापारियों को मिला नोटिस, व्यवसाय ठप होने का डर।
युवा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ईसीएल मुख्यालय का किया घेराव, सीएमडी से मिलने की मांग।
प्रबंधन ने दिया दो दिनों में बैठक का आश्वासन; पुनर्वास न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी।
संकतोड़िया:ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा संकतोड़िया कोलियरी मोड़ के किनारे स्थित छोटी दुकानों पर खाली करने का नोटिस चिपकाए जाने के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी चिंता और आक्रोश का माहौल है। ईसीएल प्रबंधन ने इन दुकानदारों को 15 दिनों के भीतर अपनी दुकानें हटाने का कड़ा निर्देश दिया है। इस अचानक आई कार्रवाई से पूरे बाजार में असमंजस फैल गया है और छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।ईसीएल मुख्यालय पहुँचा युवा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडलइस संकट को देखते हुए सोमवार को कुल्टी ब्लॉक युवा कांग्रेस की एक प्रतिनिधि टीम ईसीएल मुख्यालय पहुँची। कुल्टी ब्लॉक युवा कांग्रेस के महासचिव मनीष बर्णवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से मुलाकात की। मनीष बर्णवाल ने बताया कि वे इस विषय पर चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) से मिलकर दुकानदारों का पक्ष रखना चाहते थे। हालांकि, सोमवार को सीएमडी से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगले दो दिनों के भीतर एक औपचारिक बैठक करने का लिखित आश्वासन दिया है।भेदभाव का आरोप, पुनर्वास और मुआवजे की मांगयुवा कांग्रेस नेता मनीष बर्णवाल ने ईसीएल प्रबंधन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसीएल ने जिस जमीन को पहले ‘वेस्टेड’ (निहित) और ‘डेंजर जोन’ (खतरनाक क्षेत्र) घोषित किया था, आज उसी जमीन से केवल छोटे दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर सुरक्षा कारणों से अतिक्रमण हटाना इतना ही जरूरी है, तो कार्रवाई केवल गरीब दुकानदारों पर क्यों? बड़े और लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले रसूखदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?”प्रभावित दुकानदारों ने साफ कहा है कि वे अपनी दुकानें तभी हटाएंगे जब उन्हें उचित मुआवजा, पुनर्वास या व्यवसाय के लिए कोई वैकल्पिक स्थान दिया जाएगा।बड़े आंदोलन की चेतावनीफिलहाल इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक और विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, युवा कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी बैठक में दुकानदारों के पक्ष में कोई ठोस और सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला, तो वे व्यापारियों के हक के लिए एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।










