*खड़गपुर* : वाममोर्चा खड़गपुर शहर कमेटी के आह्वान पर बुधवार को खड़गपुर नगरपालिका कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस शासित खड़गपुर नगरपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और आंतरिक गुटबाज़ी को छिपाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अलोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित नगरपालिका बोर्ड को भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि जनमत से चुनी गई संस्था को इस तरह समाप्त करना लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा प्रहार है।
वक्ताओं का कहना था कि यदि नगरपालिका में अनियमितताएं या भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे, तो सरकार को जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि पूरे निर्वाचित बोर्ड को भंग कर देना चाहिए था। इस फैसले से आम नागरिकों के हितों की अनदेखी हुई है।
उन्होंने आशंका जताई कि बोर्ड के भंग होने के बाद नगर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी बुनियादी नागरिक सेवाएं प्रभावित होंगी, जिसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ेगा।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह निर्णय तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और प्रशासनिक नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है। लंबे समय से नगरपालिका प्रशासन में अव्यवस्था बनी हुई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल पर है।
सभा में चेतावनी दी गई कि वाममोर्चा इस फैसले को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा और यदि राज्य सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस विरोध सभा में वाममोर्चा खड़गपुर शहर के अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रमुख रूप से कामरेड बिप्लब भट्ट, कामरेड बासुदेव बनर्जी, कामरेड अमिताभ दास, कामरेड सबुज घोरई और कामरेड अनित मंडल उपस्थित र










