दक्षिण पूर्व रेलवे
प्रेस विज्ञप्ति
*दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा पश्चिम बंगाल में छह नई रेलवे लाइनों के निर्माण कार्य की शुरुआत*
कोलकाता, 29 जनवरी, 2026
रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत पश्चिम बंगाल में छह नई रेलवे लाइनों के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। इन नई रेलवे लाइन परियोजनाओं का निष्पादन दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा किया जाएगा, जिससे संपर्क सुविधा में सुधार होगा, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय निवासियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
नई रेलवे लाइन परियोजनाएँ इस प्रकार हैं:
1) कॉथि–एगरा नई रेल लाइन
26.2 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन परियोजना पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले को कवर करेगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹247.28 करोड़ है। यह इस क्षेत्र में एक नई रेल संपर्क सुविधा प्रदान करेगी।
2) नंदकुमार–बलाईपांडा नई रेल लाइन
28 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन परियोजना पूर्व मेदिनीपुर जिले को कवर करेगी। इस लाइन के निर्माण पर अनुमानित ₹275.14 करोड़ की लागत आएगी। इससे क्षेत्र को नई रेल कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
3) नंदीग्राम–कंदियामारी (नयाचार) नई रेल लाइन
7 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन परियोजना पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹75.62 करोड़ है। यह भी क्षेत्र में नई रेल सुविधा उपलब्ध कराएगी।
4) बोवाइचण्डी–आरामबाग नई रेल लाइन
31 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन परियोजना पूर्व बर्द्धमान एवं हुगली जिलों को कवर करेगी। इसकी अनुमानित लागत ₹267.37 करोड़ है। इस लाइन के निर्माण से बोवाइचांदी और आरामबाग के बीच रेल दूरी लगभग 90 किलोमीटर कम हो जाएगी।
5) बोवाइचण्डी–खाना नई रेल लाइन
24.4 किलोमीटर लंबी यह परियोजना पूर्व बर्द्धमान जिले को कवर करेगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹38.92 करोड़ है। इस नई लाइन के निर्माण से बोवाइचांदी और खाना के बीच रेल दूरी लगभग 64 किलोमीटर कम हो जाएगी।
6) बांकुड़ा (कलावती) पुरुलिया वाया हुरा नई रेल लाइन
65 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन परियोजना बांकुड़ा एवं पुरुलिया जिलों को कवर करेगी। इसकी अनुमानित लागत ₹294.89 करोड़ है।
इन नई रेलवे लाइनों से उन स्थानीय निवासियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो अब तक रेल संपर्क से वंचित थे। नई रेल लाइनों से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, इस नए परिवहन माध्यम से चिकित्सा एवं शैक्षिक सुविधाओं तक पहुँच भी बेहतर होगी।










