भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दादाभाई नौरोजी का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्हें “भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन” कहा जाता है। दादाभाई नौरोजी का जन्म 4 सितंबर 1825 को बंबई (अब मुंबई) में हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापकों में से एक थे और उन्होंने भारत के स्वराज की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दादाभाई नौरोजी ने अंग्रेज़ों की शोषण नीति पर गहराई से अध्ययन किया और अपने प्रसिद्ध “ड्रेन थ्योरी” द्वारा बताया कि किस प्रकार भारत की संपत्ति इंग्लैंड में बहाई जा रही है। उनकी यह थ्योरी भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के लिए जागरूकता का एक आधार बनी।
वे पहले भारतीय थे जिन्हें ब्रिटिश संसद का सदस्य चुना गया। वहां भी उन्होंने भारतीयों की समस्याओं को आवाज़ दी। दादाभाई नौरोजी का जीवन सादगी, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है।
आज उनकी जयंती पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं और उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेते हैं।
By courtesy: Naresh Kr. Agarwal










