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*प्रधानमंत्री ने बांकुरा और पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) में १९५० करोड़ रुपये की गैस परियोजना की रखी नींव*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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*पश्चिम बंगाल, १८ जुलाई २०२५ –* भारत में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, माननीय प्रधानमंत्री ने आज पश्चिम बंगाल के बांकुरा और पुरुलिया जिलों में १९५० करोड़ रुपये की लागत वाले सीजीडी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी।
इस परियोजना का उद्देश्य बांकुरा और पुरुलिया जिलों में ५,५५,९९९ घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन देना है। साथ ही, २५० से अधिक व्यावसायिक और ३५ से अधिक औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी गैस सुविधा प्रदान की जाएगी। परियोजना के तहत २९ सीएनजी स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे वाहनों के लिए स्वच्छ और किफायती ईंधन की सुविधा मिलेगी। यह सभी कार्य पीएनजीआरबी (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड) द्वारा तय किए गए न्यूनतम कार्य योजना (एमडब्ल्यूपी) के अनुसार किए जाएंगे।
बांकुरा और पुरुलिया सीजीडी परियोजना को १५ मार्च २०३० तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देना, सीएनजी स्टेशन बनाना और मजबूत गैस वितरण व्यवस्था के लिए स्टील पाइपलाइन बिछाना शामिल है।
इस अवसर पर बीपीसीएल के निदेशक (रिफाइनरी) एवं अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) श्री संजय खन्ना ने कहा, “यह परियोजना भारत के हर कोने तक स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा पहुँचाने के हमारे मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम है। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आज इसकी आधारशिला रखे जाने के साथ ही, हम बांकुरा और पुरुलिया में इस परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं — जो जीवन को सशक्त बनाएगी, आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी और भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संरक्षण के संकल्प को मजबूती देगी।”
परियोजना का प्रभाव:
इस परियोजना से पर्यावरण, रोजगार और समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह भारत के नेट ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों के अनुरूप है और पारंपरिक ईंधनों की तुलना में नेचुरल गैस को स्वच्छ विकल्प के रूप में बढ़ावा देगा। इससे वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग २७% की कमी आएगी, जिससे २५ वर्षों की अवधि में कुल १९१ हजार मीट्रिक टन उत्सर्जन में कटौती होगी। यह हर साल लगभग ३.४६ लाख पेड़ लगाने के बराबर है, और पूरे प्रोजेक्ट काल में लगभग ८६.८ लाख पेड़ लगाने जितना प्रभाव डालेगा।
इसके अलावा, इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से १५ लाख से अधिक मैन-डे का रोजगार सृजन होगा, जिससे बांकुरा और पुरुलिया जिलों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद, इन जिलों की ६५ लाख से अधिक जनसंख्या को एक सुविधाजनक, विश्वसनीय, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती ईंधन आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
यह सीजीडी प्रोजेक्ट इन जिलों में टिकाऊ विकास और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।