भाजपा की प्रचंड जीत का उल्लास: बराकर के सिद्धेश्वरी मंदिर में विहिप और बजरंग दल ने बांटी ‘चुनावी’ झालमुढ़ी
बराकर: देश भर में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत और पश्चिम बंगाल में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन का जश्न आसनसोल के कुल्टी क्षेत्र में अनोखे अंदाज में मनाया गया। बुधवार को बराकर के प्रसिद्ध सिद्धेश्वरी मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आम जनता के बीच ‘झालमुढ़ी’ का वितरण किया।
इस विशेष आयोजन की सूचना पूरे बराकर में लाउडस्पीकर के माध्यम से दी गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं ने कतारबद्ध होकर झालमुढ़ी का स्वाद चखा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आरएसएस के वरिष्ठ संघ चालक विजय कृष्ण खेमनी उपस्थित रहे।
झालमुढ़ी क्यों बनी चर्चा का विषय?
विजय कृष्ण खेमनी ने इस दौरान बताया कि इस चुनाव में झालमुढ़ी महज एक व्यंजन नहीं, बल्कि राजनीति का केंद्र बन गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के भवानीपुर में अचानक रुककर एक सड़क किनारे की दुकान से झालमुढ़ी खाई थी। उस समय तृणमूल कांग्रेस ने इसे ‘प्रायोजित’ बताकर तंज कसा था, जिस पर प्रधानमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा था— “झालमुढ़ी हमने खाई और झाल (तीखापन) तृणमूल को लगी।”
जीत के स्वाद में घुला राष्ट्रवाद
कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के उसी अंदाज को याद करते हुए और जीत की खुशी साझा करने के लिए सिद्धेश्वरी मंदिर में इस वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आयोजन जनता के साथ सीधा जुड़ाव और जीत के उल्लास को साझा करने का एक माध्यम है।










