कल बर्नपुर क्लब के प्रांगण में एक भावुक और गरिमामय पल का साक्षी पूरा परिवाबना, जब क्लब प्रबंधन टीम ने अपने दो वरिष्ठ कार्याध्यक्षों – श्री अभिक डे (भूतपूर्व ईडी – एमएम) सर एवं मैडम और हमारे सम्माननीय ईडी (वर्क्स) श्री दिप्तेंदु घोष सर एवं मैडम को स्नेहपूर्वक विदाई दी।
एक का सेवानिवृत्त होना और दूसरे का नई जिम्मेदारी की ओर प्रस्थान – दोनों ही घटनाएं इस क्लब और आईएसपी परिवार के लिए एक युगांतकारी क्षण की तरह थीं।

*जीवन चलने का नाम है, और इस यात्रा में कुछ पड़ाव ऐसे आते हैं जो प्रेरणा बन जाते हैं।*
श्री दिप्तेंदु घोष सर की यात्रा को देखकर यही महसूस होता है कि समर्पण, नेतृत्व और कर्मनिष्ठा यदि एक साथ हों, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं रहती।
घोष सर ने अपने करियर की शुरुआत बोकारो स्टील प्लांट से बतौर एमटीटी (मैकेनिकल) की थी। वहां उन्होंने मैकेनिकल इनचार्ज के रूप में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए।
आईएसपी के आधुनिकीकरण के प्रथम चरण के पूर्ण होने पर, उन्हें जीएम (सीसीपी इनचार्ज) के रूप में आईएसपी लाया गया। उनके नेतृत्व में सीसीपी को स्थिरता और उत्कृष्टता की नई पहचान मिली।
उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें सीजीएम (मैकेनिकल) बनाया गया, जहां वे प्रसिद्ध हुए अपने ठोस निर्णयों और तेज़ परिणामों के लिए।
1) उन्होंने आईएसपी के जल संकट को लगभग समाप्त कर दिया।
2) ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट, मिल्स और बीओएफ को स्थिर संचालन की दिशा दी।
3) आगे चलकर उन्हें सीजीएम (I/C मिल्स) बनाया गया, जहाँ उनके नेतृत्व में तीनों मिल्स ने रिकॉर्ड उत्पादन किया, विशेषकर यूएसएम (यूनिवर्सल सेक्शन मिल) को उन्होंने पूरी तरह स्थिर किया।
उनके योगदान को देखते हुए, घोष सर को ईडी (वर्क्स), दुर्गापुर स्टील प्लांट नियुक्त किया गया।
“वहाँ उन्होंने मेट्रो व्हील प्रोजेक्ट और वंदे भारत व्हील प्रोजेक्ट को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।”
एसएमएस और बीएफ क्षेत्रों में सुधार, साथ ही कैश कलेक्शन में अभूतपूर्व वृद्धि, उनके कुशल प्रबंधन की मिसाल बनी।
इसके बाद वे आईएसपी में ईडी (वर्क्स) के रूप में लौटे और यहाँ के उत्पादन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
“ब्लास्ट फर्नेस ने पहली बार रिकॉर्ड उत्पादन किया।”
एसएमएस (SMS) ने राष्ट्रीय स्तर पर “भारत में नं.1” स्थान प्राप्त किया।
“-कन्वर्टर लाइनिंग लाइफ 14,000+ हीट्स तक पहुँची, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि थी।”
“-मिल्स क्षेत्र में भी रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन हुआ।”
अब घोष सर को एक नई ज़िम्मेदारी सौंपी गई है — ईडी (लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर), कोलकाता, जहाँ वे रॉ मटेरियल, फॉरेन कोक, और प्रोजेक्ट्स के लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का नेतृत्व करेंगे।
हम सबकी शुभकामनाएँ उनके साथ हैं — “नई भूमिका में भी वे सफलता की नई कहानियाँ लिखें।”
घोष सर का योगदान केवल कार्यक्षेत्र तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने बर्नपुर क्लब के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण में भी विशेष भूमिका निभाई:
“-स्विमिंग पूल का रेनोवेशन”
“-नया लॉन टेनिस कोर्ट निर्माण”
“-मुख्य हॉल का नवीनीकरण एवं सभी स्प्लिट एसी का प्रतिस्थापन”
“और साथ ही IOPL-2 को शानदार सफलता की दिशा दी।”
फेयरवेल कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे –
डीआईसी सर एवं मैडम, ईडी प्रोजेक्ट्स सर एवं मैडम, ईडी वर्क्स दुर्गापुर सर, सीजीएम आई/सी (एचआर), सीएमओ (आई/सी) सर एवं मैडम, तथा क्लब के सभी होन. पदाधिकारी – सचिव, कोषाध्यक्ष, सहायक सचिव, कैटरिंग सचिव, इंफ्रास्ट्रक्चर सचिव आदि।
डीआईसी सर ने भावनात्मक शब्दों में कहा – “मेरा पुराना टीम अब लगभग पूरा विदा हो गया, लेकिन नई टीम से बड़ी उम्मीदें हैं। और जब भी ज़रूरत पड़ी, श्री दिप्तेंदु घोष और श्री अभिक डे का मार्गदर्शन हमेशा मिलेगा।”
बर्नपुर क्लब के मानद सचिव एवं आईओए अध्यक्ष श्री सुशील कुमार सुमन ने कहा –
*“बर्नपुर क्लब परिवार की ओर से दिल की गहराइयों से हम दोनों सम्माननीय अधिकारियों और उनके परिवारों का धन्यवाद करते हैं।*
जब भी आप बर्नपुर आएँगे, क्लब का दरवाज़ा हमेशा आपके स्वागत के लिए खुला रहेगा।”
अंत में, यह विदाई नहीं थी — यह एक नई शुरुआत का उत्सव था,
जहाँ हर किसी की आँखों में एक ही भावना थी —
“आपकी सफलता हमारी प्रेरणा है।”













