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सुर-ताल और कविताओं से सजी शाम: नबारून कम्युनिटी सेंटर में गूँजी रवींद्र संगीत की तान

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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सुर-ताल और कविताओं से सजी शाम: नबारून कम्युनिटी सेंटर में गूँजी रवींद्र संगीत की तान

सांकतोड़िया : संस्कृति और कला की जीवंत छटा बिखेरते हुए शनिवार शाम नबारून कम्युनिटी सेंटर डिसरगढ़ क्लब द्वारा एक भव्य ‘कवि स्वागत समारोह’ का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी कार्यक्रम शनिवार शाम ७ बजे से नबारून श्री श्री कृष्ण काली मंदिर के पावन परिसर में शुरू हुआ, जो देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता रहा।
कवि गुरु को पुष्पांजलि से शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ क्लब के चेयरमैन दिलीप आचार्य, सुधामय पात्रा और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात आयोजकों ने समारोह में पधारे सभी विशिष्ट मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
४ घंटे तक बिखरे संस्कृति के रंग
शाम सात बजे से शुरू होकर लगातार चार घंटों तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में स्थानीय बच्चों और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम में:
नृत्य और संगीत: कलाकारों ने रवींद्र संगीत और लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
कविता और विमर्श: कवि गुरु की कविताओं का पाठ हुआ और उनके जीवन दर्शन पर प्रेरक भाषण दिए गए।
कलाकारों का सम्मान और आभार
क्लब के कर्णधार दिलीप आचार्य ने इस अवसर पर कहा, “हमारा क्लब हर साल समाज के विद्वानों और गुणीजनों को एक मंच पर लाने के लिए इस तरह के आयोजन करता रहेगा।” कार्यक्रम के अंत में क्लब की ओर से शानदार प्रस्तुति देने वाले सभी नन्हे और युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया। शिक्षक सुधामय पात्रा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस सांस्कृतिक संध्या में क्षेत्र के जाने-माने कवि, लेखक और पत्रकार शांति प्रिय गुरु, शिक्षक सुरेश चक्रवर्ती, मृत्युंजय सिंह, अरूप माजी सहित क्लब के तमाम सदस्य और सौ से अधिक स्थानीय कलाप्रेमी मौजूद रहे। दर्शकों ने माना कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में समृद्ध संस्कृति को बचाए रखने और बढ़ावा देने में ऐसे क्लबों की भूमिका वाकई बेमिसाल है।