बंटी खान कुल्टी: रविवार 29 मार्च को स्व शशि भूषण प्रसाद यादव की 16 वी पुण्यतिथि पर पारबेलिया कोलियरी फुटबॉल मैदान से एक विशाल मौन जुलूस आयोजित किया गया। जुलूस का नेतृत्व उनके छोटे भाई शांतिभूषण प्रसाद यादव रामप्रसाद चक्रवर्ती, नवेन्दु महाली, हजारी बाउरी, सुमित सागर प्रसाद, मानवेंद्र प्रसाद यादव
तथा अन्य कर रहे थे।
गौरतलब हों कि 29 मार्च 2010 को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर उनकी सरेआम हत्या कर दी थी। घटना के विरोध में जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ कर सजा देने की मांग की थी। लेकिन वामपंथी शासन का हवाला देकर कहा गया कि ये उनका शासन है, अभी कुछ नही किया जा सकता है। 2011 में जब तृणमूल की सरकार आई तो पूछे जाने पर कहा कि अभी हम देख रहे हैं। लेकिन देखते देखते कई साल बीत गए पर अभी तक प्रशासन हत्यारों को ढूंढ नहीं पाई। परिणामस्वरूप इस मामले में हत्यारे घूम रहे हैं और मौज मस्ती कर रहे हैं। हालांकि तृणमूल की ओर से प्रत्येक वर्ष उनकी स्मृति में जुलूस निकाला जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस आशय में आमडांगा मोड़ पर आयोजित शशिभूषण प्रसाद यादव की श्रद्धांजलि सभा मे उनकी स्मृति सभा मे 1 मिनट का नीरवता पालन किया गया। तत्पश्चात नवेन्दु महाली ने कहा कि हमलोग यहां प्रति वर्ष श्रद्धांजलि सभा में यहां आते हैं। लोग पूछते हैं कि पूरे कई वर्षों से आप वहां जाते हैं तो अब तक इसका हल क्यों नहीं निकला? मैं निरुतर ही जाता हूँ। आख़िर सीआईडी इस हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी तो मैं केंद्र सरकार को दोष नहीं दूंगा। सीबीआई के पास हमसब क्यों नहीं गए। शांति भूषण प्रसाद यादव ने कहा कि हमलोगों ने घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसमें कई लोगों पर केश भी हुआ।










