*मुफ्त शिक्षा से बदल रहे सैकड़ों भविष्य: ‘एक्सपर्ट कंप्यूटर क्लासेस’ के मो. साबिर बने समाज सेवा की पहचान”*
*राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने किया सम्मानित, 2016 से गरीब बच्चों को निःशुल्क कंप्यूटर व प्रतियोगी शिक्षा देकर गढ़ रहे नई पीढ़ी का भविष्य*
बाराबंकी। (अबू शहमा अंसारी)एक ओर जहां शिक्षा का बढ़ता खर्च गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बिना किसी स्वार्थ के समाज में बदलाव की अलख जगा रहे हैं। ऐसे ही एक प्रेरणास्रोत हैं मो. साबिर, जिन्होंने वर्ष 2016 में लैय्या मंडी से एक छोटे से प्रयास की शुरुआत की और आज उसे “एक्सपर्ट कंप्यूटर क्लासेस” के रूप में सैकड़ों बच्चों के भविष्य संवारने का माध्यम बना दिया।यह संस्थान न सिर्फ कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी भी कराता है। सीमित संसाधनों के बावजूद मो. साबिर का यह समर्पण उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है, जिनके सपनों को अक्सर आर्थिक तंगी रोक देती है।उनके इसी निस्वार्थ और समाजोपयोगी कार्य को सम्मान देते हुए राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर जिला प्रभारी ऋषभ सैनी ने कहा,“हमारी टीम समाज में चुपचाप लेकिन प्रभावी कार्य करने वाले लोगों को सामने लाकर उन्हें सम्मानित करती है, ताकि ऐसे प्रयासों को और बल मिल सके और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।”कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अरशद जमाल, जिला महामंत्री योगेश मौर्य, जिला मीडिया प्रभारी उस्मान चौधरी तथा प्रदेश सचिव सगीर अमानुल्लाह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मो. साबिर का यह कार्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी लालच और अपेक्षा के की जाए।आज “एक्सपर्ट कंप्यूटर क्लासेस” सिर्फ एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि उन सैकड़ों गरीब बच्चों के सपनों का आधार बन चुका है, जो अपने दम पर कुछ बड़ा करने का हौसला रखते हैं। मो. साबिर की यह पहल निश्चित रूप से समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे नेक हों, तो छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।








