SIR का सिलसिला चल रहा है, और ये वो मरहला है जिसे हरगिज़ नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। ये कोई आम काग़ज़ी कार्रवाई नहीं है, आपका वो हक़ है जो कल आपके वोट, आपकी आवाज़ और आपके वजूद की पहचान तय करेगा। इसलिए SIR के ताल्लुक से ज़रा-सी भी लापरवाही मत बरतिए।

सबसे पहले यह समझ लीजिए कि SIR को सीरियस लेना क्यों ज़रूरी है। आज अगर आपने गाइडलाइंस ज़हननशीन करके फॉर्म को सही तरीक़े से नहीं भरा, रिसीविंग कॉपी लेकर सुरक्षित नहीं रखा, या वक़्त पर फ़ॉर्म जमा नहीं किया, तो कल आपकी आवाज़ को खामोश करने वालों के लिए रास्ता आसान कर देंगे।
आपने अपना फ़ॉर्म वक्त से पहले, पूरी तवज्ज़ो के साथ जमा कराना है, ये वोट डालने के साथ अपनी शहरी पहचान, और अपने क़ानूनी अधिकार की हिफ़ाज़त के लिए है।
इसलिए हर जेनुइन वोट को SIR से गुज़ारकर वोटर लिस्ट में दर्ज कराना लाज़िम समझें।
अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं, तो आपकी आवाज़ भी नहीं और आवाज़ का ग़ायब हो जाना किसी भी क़ौम की सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
SIR को हल्के में न लें।
अपने परिवार, अपने रिश्तेदारों, अपने मोहल्ले और अपनी बिरादरी के हर शख़्स को एहतेमाम के साथ इसका हिस्सा बनाइए।
क्योंकि जब पहचान महफ़ूज़ रहती है, तभी हक़ भी महफ़ूज़ रहते हैं।
शुक्रिया।









