अंडाल में तेज धमाके के साथ कांपी धरती, 100 से अधिक घरों में दरारें, पूरा इलाका खाली कराया गया
धोबा पाड़ा में अचानक भू-धंसान से दहशत, एक हजार से अधिक प्रभावित, पुलिस, जिला प्रशासन और ईसीएल की टीम मौके पर, पुनर्वास की मांग शुरू

अंडाल, पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल थाना क्षेत्र स्थित बिशेश्वरी के प्रसिद्ध नीलकंठ मंदिर से करीब 200 मीटर दूर धोबा पाड़ा इलाके में बुधवार को तेज धमाके के साथ अचानक भू-धंसान की घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना जोरदार था कि पूरी बस्ती कांप उठी। घटना के बाद करीब 100 से अधिक मकानों में दरारें आ गईं, जबकि कई स्थानों पर जमीन धंसने की घटनाएं भी सामने आईं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक जमीन के भीतर से तेज आवाज आई और कुछ ही पलों में घरों में कंपन महसूस होने लगा। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। इलाके में करीब एक हजार लोगों की आबादी रहती है, जिन्हें एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही उखड़ा पुलिस चौकी, अंडाल थाना पुलिस, जिला प्रशासन और ईसीएल (Eastern Coalfields Limited) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने माइकिंग कर लोगों से तत्काल घर खाली करने की अपील की। प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को खाली कराकर लोगों को पास के एक सुरक्षित मैदान में ठहराया है, जहां उनके खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनका सारा सामान अब भी घरों के भीतर है, लेकिन डर के कारण वे उसे निकाल नहीं पा रहे हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा कारणों से फिलहाल किसी को घरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम में इस इलाके में भू-धंसान की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार की घटना सबसे गंभीर है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें हर समय घर के जमीन में समा जाने का डर सता रहा है। उन्होंने स्थायी समाधान और सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है।
फिलहाल ईसीएल की टीम प्रभावित क्षेत्र की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तेज धमाके और भू-धंसान का वास्तविक कारण क्या है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ईसीएल की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वहीं जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।










