अस्पतालों में फर्जीवाड़ा और लापरवाही: सीएमओ दफ्तर पहुंचे कांग्रेस नेता रवि यादव, दी सड़क पर उतरने की चेतावनी
आसनसोल। बरकार रानी बंगला सरकारी अस्पताल में कथित फर्जीवाड़े, सरकारी संपत्ति की अवैध बिक्री और स्वास्थ्य सेवाओं में भारी अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कांग्रेस नेता रवि यादव के नेतृत्व में एक कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।सरकारी संपत्ति की अवैध बिक्री का आरोप कांग्रेस नेता रवि यादव ने आरोप लगाया कि बरकार रानी बंगला में नए अस्पतालों का निर्माण तो हो रहा है, लेकिन पुराने अस्पतालों का कीमती सरकारी सामान बिना किसी वैध नीलामी के चुपके से बेचा जा रहा है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “सरकारी संपत्ति किसी की निजी बपौती नहीं है। यह जनता के टैक्स के पैसे से बनी है और इसकी लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”‘स्वास्थ्य साथी’ कार्ड लेने से इनकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निजी अस्पतालों की मनमानी पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ निजी अस्पताल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वास्थ्य साथी कार्ड’ योजना के तहत मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।गलत इलाज से मौत और सबूत मिटाने का संगीन आरोप प्रतिनिधिमंडल में शामिल पीड़ित रईस आलम ने रानीगंज के शुभदर्शनी अस्पताल पर बेहद संगीन आरोप लगाए। रईस ने बताया कि गलत इलाज के कारण उनकी माताजी की असमय मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने और सबूत मिटाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड्स में भारी हेरफेर की। पीड़ित ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है।सीएमओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से किसी भी अस्पताल को ‘स्वास्थ्य साथी कार्ड’ बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। सरकारी सामान की अवैध बिक्री और अस्पताल की लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।जल्द कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस इस आंदोलन को सड़कों पर ले जाएगी और उग्र प्रदर्शन करेगी। फिलहाल, अब सभी की नजरें स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।










