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*आसनसोल से पैंगोंग तक 69 दिन का रोमांच: 61 वर्षीय रिटायर्ड फौजी के नेतृत्व में बच्चों ने साइकिल से नापी हिमालय की ऊंचाई, झील पर लहराया तिरंगा*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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*आसनसोल से पैंगोंग तक 69 दिन का रोमांच: 61 वर्षीय रिटायर्ड फौजी के नेतृत्व में बच्चों ने साइकिल से नापी हिमालय की ऊंचाई, झील पर लहराया तिरंगा*

*कुल्टी:* हौसले बुलंद हों तो कोई मंजिल दूर नहीं। इसे सच कर दिखाया है आसनसोल के 10 युवा साइकिलिस्टों ने, जिन्होंने 61 वर्षीय रिटायर्ड आर्मी अफसर मिहिर कुमार मण्डल के नेतृत्व में 69 दिन में साइकिल से आसनसोल से पैंगोंग त्सो तक का मुश्किल सफर तय किया।

नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन के निदेशक मिहिर कुमार मण्डल के मार्गदर्शन में 15-16 साल के इन 10 बच्चों—5 लड़के और 5 लड़कियों—ने यह ऐतिहासिक अभियान पूरा किया। अभियान की शुरुआत 20 सितंबर 2025 को बर्नपुर गुरुद्वारे में पूजा-अर्चना के साथ सुबह 9:45 बजे हुई। आसनसोल से शुरू होकर यह रोमांचक सफर 13 नवंबर 2025 को लेह-लद्दाख की विश्व प्रसिद्ध पैंगोंग झील पर जाकर खत्म हुआ, जहां पूरी टीम ने तिरंगा लहराकर जीत का जश्न मनाया।

*आठ राज्यों से गुजरा काफिला, वैष्णो देवी का लिया आशीर्वाद*
टीम ने हर दिन की दूरी, ऊंचाई और बदलते मौसम के हिसाब से अपनी दिनचर्या तय की। एक मालवाहक चार-पहिया वाहन लगातार टीम के साथ चला, जो खाने-पीने और जरूरी सामान की आपूर्ति करता रहा। इसी मदद से बच्चों ने करीब आठ राज्यों से होते हुए जम्मू-कश्मीर तक का सफर तय किया। रास्ते में टीम ने मां वैष्णो देवी के दर्शन कर आशीर्वाद भी लिया।

*‘बच्चों के जोश ने हर बाधा पार कराई’*
अभियान का नेतृत्व कर रहे रिटायर्ड सेना अधिकारी मिहिर कुमार मण्डल ने बताया, “पूरा सफर बेहद रोमांचक था। पहाड़ों की खड़ी चढ़ाई, तेज हवाएं और ऊंचाई की चुनौतियों ने टीम की कड़ी परीक्षा ली। लेकिन बच्चों के जोश, हिम्मत और अनुशासन ने हर बाधा को पार करवा दिया। पैंगोंग पर तिरंगा लहराने का पल हम सभी के लिए भावुक और गर्व से भरा था।”

*सेना ने बढ़ाया हौसला, मिला सम्मान*
इस अभियान में प्रशांत हेम्ब्रम, मार्शल हांसदा, साक्षी खड़वाल, दिया दुबे, रुद्रा देव तांती, शुभ कुमार शाव, रीमा भारती, कुसुम बाद्यकर, सारथी खड़वाल और आदित्य रजक शामिल थे। रास्ते में कई जगहों पर सेना के जनरल और कर्नल रैंक के अधिकारियों ने टीम की मदद की और नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन को सम्मानित भी किया। मिहिर मण्डल के पूर्व सैन्य संपर्कों और विभिन्न विभागों के सहयोग ने भी अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

*युवाओं को जोड़ने की तैयारी*
नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन अब इस अनुभव को आधार बनाकर भविष्य में और ज्यादा युवा प्रशिक्षण शिविर और एडवेंचर अभियान चलाने की योजना बना रहा है। मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आउटडोर एडवेंचर, टीमवर्क और देशभक्ति के जज्बे से जोड़ा जा सके।

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