ऐतिहासिक क्षण: कुल्टी में विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने किया बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विशाल मूर्ति का शिलान्यास
कुल्टी / नियामतपुर:
कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार के कर-कमलों द्वारा आज नियामतपुर के इस्को बाईपास रोड (नियर डहरम मोड़) पर राष्ट्र निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की विशाल मूर्ति का भव्य शिलान्यास संपन्न हुआ। कुल्टी की देवतुल्य जनता के आशीर्वाद से आयोजित इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण कार्यक्रम में विधायक डॉ. पोद्दार ने पारंपरिक विधि-विधान से नारियल फोड़कर इस महापरियोजना का शुभारंभ किया।
शिलान्यास कार्यक्रम की शुरुआत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के तस्वीर पर माल्यार्पण और ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभक्ति गान के साथ हुई। इसके पश्चात प्रतीकात्मक रूप से छोटी जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी कटाई कर निर्माण कार्य की नींव रखी गई।
इंद्रदेव की बरसी असीम कृपा
इस गरिमामयी समारोह के दौरान एक अद्भुत और आलौकिक संयोग देखने को मिला। जैसे ही माननीय विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार जी ने शिलान्यास हेतु नारियल फोड़ा, ठीक उसी समय झमाझम बारिश शुरू हो गई। उपस्थित जनसैलाब ने इसे भगवान इंद्र की असीम कृपा और इस पुनीत कार्य के लिए ईश्वर का साक्षात आशीर्वाद माना।
SC-ST समाज और मातृशक्ति ने किया विधायक का भव्य स्वागत
कार्यक्रम में भारी संख्या में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) समाज के प्रबुद्ध नागरिक, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे। विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधियों ने विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार जी को माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया और बाबासाहेब के सम्मान में उठाए गए इस कदम के लिए उनका आभार व्यक्त किया। SAIL-IISCO के अधिकारी और प्रमुख नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति इस भव्य समारोह में सेल इस्को (SAIL-IISCO) के उच्च अधिकारियों ने विशेष रूप से शिरकत की। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी और क्षेत्र के प्रमुख नेताओं की गरिमामयी मौजूदगी रही, जिनमें भाजपा जिला सचिव सत्यजीत दास,
भाजपा आसनसोल जिला मीडिया प्रभारी सह कुल्टी विधानसभा उपाध्यक्ष टिंकू वर्मा,
युवा नेता रवि सिंह, सुजीत बर्नवाल, अमित सिंह, मनोज बावरी,
मंडल अध्यक्ष सुनील भर, मंडल अध्यक्ष अमर प्रसाद,विकास प्रसाद, संजीत दास, अनिल गुप्ता और गोपाल राउत मुख्य रूप से शामिल थे।
यह कार्यक्रम कुल्टी विधानसभा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहाँ बाबासाहेब की यह विशाल प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को समानता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती रहेगी।








