कुल्टी सेल ग्रोथ (KCG) के पूर्व जीएम तथा प्रियदर्शनी पब्लिक स्कूल, कुल्टी के संस्थापक एवं सचिव श्री कृष्ण कुमार तिवारी जी का विगत रविवार को लंबी बीमारी से संघर्ष करते हुए नई दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय कृष्ण कुमार तिवारी जी की अंत्येष्टि बनारस के मणिकर्णिका घाट में मंगलवार को कर दी गई।
पश्चिम बर्दवान के कुल्टी क्षेत्र के “लौह पुरुष” के रूप में विख्यात तिवारी जी केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे सेवक भी थे। उनके निधन को कुल्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
श्री तिवारी जी ने अपने कार्यकाल के दौरान कुल्टी के औद्योगिक एवं आधारभूत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुल्टी सेल ग्रोथ वर्क, जो एक समय बंद हो चुका था, उसे पुनः संचालित कराने में उनके अथक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे क्षेत्र के अनेक लोगों को रोजगार एवं आर्थिक संबल प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, कुल्टी क्षेत्र में कई एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था भी उनके सतत प्रयासों का ही परिणाम है, जिससे क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
उन्होंने सामाजिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय है। उनके प्रयासों से कुल्टी क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम का पहला विद्यालय — प्रियदर्शनी पब्लिक स्कूल — स्थापित हुआ, जहां हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला और उनके सपनों को नई दिशा मिली।
स्वर्गीय तिवारी जी शिक्षा के प्रसार, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहे। उनके प्रयासों से क्षेत्र में कई जनकल्याणकारी पहलें प्रारंभ हुईं, जिनका लाभ आज भी समाज को मिल रहा है।
वे सदैव समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए चिंतित रहते थे। उनके मार्गदर्शन में अनेक सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला, जिससे कुल्टी क्षेत्र में एक सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ।
श्री तिवारी जी ने कुल्टी के सर्वांगीण विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके अद्वितीय योगदान, नेतृत्व क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता को सदैव स्मरण किया जाएगा।
वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र, दो बहुएं, एक पुत्री, दामाद तथा नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें।










