छठ महापर्व से पहले प्रशासन का मेगा एक्शन! बराकर के तीन प्रमुख घाटों पर पहुंचे जिला शासक, पुलिस आयुक्त, सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच
पानी की गहराई से लेकर रोशनी, चेंजिंग रूम और पहुंच मार्ग तक का होगा इंतजाम; श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
कुल्टी। लोक आस्था के महापर्व छठ और काली पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को पश्चिम बर्दवान के जिला शासक श्री पोन्नाबलम एवं आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बराकर के तीन प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने घाटों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान बराकर के बाबा घाट, मद्रासी पाड़ा घाट और नाली पाड़ा घाट पर विशेष रूप से सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। इस दौरान अन्य अधिकारियों में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) सना अख्तर, एसीपी पश्चिम सोमनाथ साहा, कुल्टी थाना प्रभारी अशोक सिन्हा महापात्रों, बराकर फाड़ी प्रभारी अंजन कुमार राजक सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
घाटों की सुरक्षा पर विशेष जोर, हर व्यवस्था की होगी निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों पर पानी की गहराई, संभावित जोखिम वाले स्थानों, पर्याप्त रोशनी, महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के कमरे, स्नानघर तथा घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और किसी अप्रिय घटना की आशंका को पहले ही दूर किया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सिंचाई विभाग और नगर निगम सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
जिले के 30 बड़े घाट चिह्नित, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पश्चिम बर्दवान जिले में करीब 30 बड़े छठ घाटों को चिह्नित किया गया है। इसके अतिरिक्त मध्यम आकार के कई घाटों पर भी आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। सभी चिह्नित घाटों पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त रोशनी, सुरक्षित पहुंच मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल घाटों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि छठ पूजा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से दुरुस्त करना है, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे सकें।
आस्था के महापर्व पर सुरक्षा का संकल्प
छठ महापर्व पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। ऐसे में घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। जिला प्रशासन के इस निरीक्षण को त्योहार से पहले सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिया कि घाटों पर उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि काली पूजा और छठ महापर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।








