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*छठी अंतरराष्ट्रीय उर्दू कॉन्फ्रेंस की तैयारियों में तेजी, पांच समितियों के गठन पर विचार* *उर्दू के विकास के लिए व्यावहारिक कदम जरूरी हैं: डॉ. अम्मार रिज़वी*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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*छठी अंतरराष्ट्रीय उर्दू कॉन्फ्रेंस की तैयारियों में तेजी, पांच समितियों के गठन पर विचार*

*उर्दू के विकास के लिए व्यावहारिक कदम जरूरी हैं: डॉ. अम्मार रिज़वी*

लखनऊ (प्रेस विज्ञप्ति): छठी अंतरराष्ट्रीय उर्दू कॉन्फ्रेंस के आयोजन की तैयारियों के सिलसिले में सोमवार की शाम उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री एवं कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. अम्मार रिज़वी के आवास दारुल अमान, अलीगंज, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ख़ान मोहम्मद आतिफ ने की। बैठक में कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन के लिए विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और आगामी तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पांच अंतरराष्ट्रीय उर्दू कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। इनके माध्यम से उर्दू भाषा एवं साहित्य के विकास और इसकी शैक्षिक तथा सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने का प्रयास किया गया है। छठी कॉन्फ्रेंस भी इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
इस अवसर पर डॉ. अम्मार रिज़वी ने उर्दू भाषा की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके विकास के लिए केवल मौखिक दावे पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यावहारिक सहयोग और गंभीर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि उर्दू के विकास की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए। बच्चों को उर्दू पढ़ने-लिखने के लिए प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को अपनी भाषा एवं संस्कृति से जोड़ने के लिए व्यक्तिगत तथा सामूहिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
डॉ. रिज़वी ने आगे कहा कि उर्दू भारत की साझा सांस्कृतिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आपसी सद्भाव का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए जरूरी है कि दैनिक जीवन, शिक्षा तथा साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अपील की कि उर्दू के संरक्षण और विकास को साझा जिम्मेदारी समझते हुए इसकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सभी लोग अपनी भूमिका निभाएं।
बैठक में कॉन्फ्रेंस के व्यवस्थित आयोजन के लिए पांच समितियों के गठन और उनकी जिम्मेदारियां तय करने पर भी विचार किया गया। इनमें उद्घाटन सत्र, शैक्षिक संगोष्ठी, मुशायरा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मीडिया समन्वय से संबंधित समितियां शामिल होंगी। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए किन व्यक्तियों को नामित किया जाएगा, इसका निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा।
बैठक में खान मोहम्मद आतिफ,डॉ. इक्तिदार हुसैन, प्रदीप कपूर, डॉ. हारून रिज़वी, जसन काज़मी, सैयद आसिम रज़ा, सुल्तान शाकिर हाशमी, आसिफ ज़मां रिज़वी, डॉ. मूसी रज़ा, डॉ. मसीहुद्दीन ख़ान, डॉ. सरवत तकी, मोहम्मद सलमान, डॉ. मुंतज़िर क़ाएमी, डॉ. इहतिशाम ख़ान, जमील हसन नक़वी, अबू शहमा अंसारी, अतीक अहमद अंसारी, शहाबुद्दीन ख़ान, रवि प्रकाश यादव, मिर्ज़ा फ़ुरक़ान बेग और मिर्ज़ा असलम बेग सहित अन्य प्रमुख शैक्षिक, साहित्यिक एवं सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया।
आशा व्यक्त की गई कि छठी अंतरराष्ट्रीय उर्दू कॉन्फ्रेंस भाषा एवं साहित्य के विकास, शैक्षिक और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी में उर्दू के प्रति जुड़ाव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।यह जानकारी ऑल इंडिया माइनॉरिटीज़ फोरम फॉर डेमोक्रेसी के सचिव (प्रचार एवं प्रसार) अबू शहमा अंसारी ने दी।

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