जय श्रीराम के जयघोष से गूँजा बराकर: हनुमान मंदिर में मूर्ति पुनर्स्थापना हेतु भव्य कलश यात्रा के साथ अनुष्ठान शुरू
बराकर :बराकर के दास पाड़ा स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ‘एच के समिति’ के तत्वावधान में वर्षों पुराने इस सिद्ध मंदिर में खंडित मूर्ति के स्थान पर नई प्रतिमा की पुनर्स्थापना के लिए तीन दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शानदार आगाज किया गया।
शनिवार सुबह पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। अनुष्ठान के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 201 महिलाओं और युवतियों ने पीले रंग की पारंपरिक वेशभूषा (पीताम्बरी) धारण कर हिस्सा लिया। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते श्रद्धालुओं और बजरंगबली के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
बाबा घाट से लाया गया पवित्र जल
यह कलश यात्रा दास पाड़ा से प्रारंभ होकर स्टेशन रोड बराकर बाजार से गुजरते हुए बराकर नदी के तट (बाबा घाट) पहुँची। यहाँ विद्वान पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र नदी का जल कलशों में भरा गया। इसके पश्चात यात्रा पुनः मंदिर प्रांगण पहुँची, जहाँ इस पवित्र जल से अनुष्ठान की प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया।
इस पुनीत कार्य में बिपिन दास एवं उनकी धर्मपत्नी ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए पूजा-अर्चना संपन्न की। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर स्थानीय लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है और नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान के साथ की जा रही है।
बता दें कि यह अनुष्ठान तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें मूर्ति का अधिवास, विशेष पूजा-अर्चना और अंत में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा के साथ महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर पूरे दास पाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह का माहौल बना हुआ है।










