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*दॄष्टिहीन दिव्यांगों के लिए बनाया स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक्स* :: *आसनसोल अभियंता कॉलेज के छात्र आयुष ने बनाया अनोखा स्टिक्स* *:: वीप की आवाज ही दृष्टिहीन लोगों को चलने में करेगी मदद*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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बर्नपुर: बर्नपुर शास्त्रीनगर के स्थानीय और आसनसोल इंजिनीरिंग कॉलेज के चौथे वर्ष के छात्र आयुष कुमार भगत ने आधुनिक स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक्स का निर्माण किया है।

यह स्टिक्स दृष्टिहीन दिव्यांगजनों को चलने में मदद करेगी। इस स्टिक्स के सहारे चलने पर सामने कोई बाधा या पड़ाव आएगी तो वीप की सिंग्नल के साथ छड़ी बजने लगेगी, इससे दृष्टिहीन व्यक्ति सचेत हो जाएगा, और किसी भी दुर्घटना से बच जाएगा। हालांकि इस स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक्स को बनाने में आयुष को दो माह का समय लगा। वही इसे निर्माण करने वाले आयुष ने बताया कि उन्हें कॉलेज से कुछ नया करने के लिए प्रोजेक्ट दिया गया था। जिसपर काफी सोच विचार कर दृष्टिहीन दिव्यांगजनों के लिए ही कोई ऐसी चीज बनाने की सोची, ताकि उनका भला हो सके। इसलिए स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक्स बनाने का सोचा। हालांकि बाजारों में कई तरह की स्टिक्स है, लेकिन बिना किसी के सहारे से दृष्टिहीन दिव्यांगजन बाहर निकल सके, उनके लिए यह विशेष छड़ी बनाया गया है। ताकि बिना किसी डर भय से अपने ऊपर निर्भर होकर वह कही जा सकते है। इसमें वीप एलर्ट ही उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगी। वीप साउंड ही उन्हें आगे की अवरोध से एलर्ट करेगी। अगर कोई व्यक्ति दॄष्टिहीन के साथ कान से नहीं सुनता है, तो उन्हें वाइब्रेट के जरिए एलर्ट करेगी। आयुष ने कहा कि इसमें विसेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ- साथ कोडिंग भी की गई हैं। उन्हें पूरा स्टिक्स बनाने में 3 से 4 हजार रुपये का खर्च हुआ है। लेकिन यह दृष्टिहीन दिव्यांगजनों के लिए काफी कारगर होगा। आयुष ने बताया उनके साथ सुशांत ओराव और देवजीत सिंघा ने भी सहयोग किया।