बंगाल-झारखंड सीमा पर ‘डंडा टैक्स’ का आतंक: ₹22 लाख के अंडों से लदा ट्रक रोका, चालकों ने लगाया अवैध वसूली का आरोप
कुल्टी: पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर स्थित रामपुर एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) कार्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। नेशनल परमिट और सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद ट्रक चालकों से ‘डंडा टैक्स’ और ‘एंट्री फीस’ के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। चालकों का आरोप है कि नियमों का हवाला देकर गाड़ियां रोकी जाती हैं और ऑनलाइन चालान मांगने पर उनके साथ मारपीट तक की जाती है।धूप में खड़े रहने से ₹22 लाख के अंडे खराब होने का खतरापंजाब से ₹22 लाख के अंडे लेकर कोलकाता जा रहे एक पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि रामपुर सीमा पर एमवीआई अधिकारियों ने उसकी गाड़ी को केवल इसलिए रोक दिया क्योंकि उसने अवैध ‘एंट्री फीस’ देने से मना कर दिया था। चालक ने कहा, “मेरे पास गाड़ी के सारे कागजात सही हैं। इसके बावजूद मुझसे ₹6,200 का जुर्माना मांगा गया। जब मैंने ऑनलाइन चालान की मांग की, तो अधिकारियों ने मेरी गाड़ी को जबरन पार्किंग में लगवा दिया।” चालक ने अंदेशा जताया है कि तेज धूप में घंटों गाड़ी खड़ी रहने से ट्रक में लदे सारे अंडे सड़ जाएंगे, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा।दलालों को पैसे देने के बाद भी ‘स्पेशल टैक्स’ का दबाववसूली का शिकार हुए मोबिल ऑयल लदे एक अन्य ट्रक के चालक ने बताया कि उसने सीमा पार करने के लिए दलालों को पहले ही ₹550 की ‘एंट्री फीस’ दी थी। इसके बावजूद रामपुर कार्यालय में उससे अतिरिक्त ‘डंडा टैक्स’ मांगा गया। अधिकारियों ने धमकी दी कि यदि ‘स्पेशल टैक्स’ नहीं दिया गया, तो ₹10,000 का अतिरिक्त जुर्माना ठोक दिया जाएगा। खाली पिकअप वैन चलाने वाले चालकों ने भी आरोप लगाया कि नेशनल परमिट होने के बावजूद केवल बंगाल सीमा पर ही जांच के नाम पर इस तरह की अवैध वसूली हो रही है।सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियांचालकों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी कॉमर्शियल वाहन को बेवजह ज्यादा देर तक नहीं रोका जा सकता। खासकर अंडे, दूध और दवाइयों जैसी आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को रोकना पूरी तरह गैर-संवैधानिक है। इसके बावजूद सीमा पर तैनात अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर दलालों के जरिए सिंडिकेट चला रहे हैं।परेशान वाहन चालकों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और राज्य के परिवहन मंत्री से इस दलाल चक्र को तुरंत खत्म करने और ‘डंडा टैक्स’ पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। वहीं, इस पूरे मामले पर मौके पर मौजूद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया।










