बरईपुर की मासूम को मिले न्याय: बरौनी सी दहक उठी बराकर की सड़कें, दोषियों को फांसी की मांग को लेकर फूटा आक्रोश
कुल्टी/बराकर: बरईपुर में 13 साल की मासूम नाबालिग बच्ची के साथ हुई हैवानियत और निर्मम हत्या के खिलाफ शुक्रवार शाम को बराकर की सड़कें आक्रोश से सुलग उठीं। दिल दहला देने वाली इस वारदात के विरोध में और पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय दिलाने के लिए कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के बराकर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेता रवि यादव के नेतृत्व में आयोजित यह विरोध मार्च बराकर रेलवे स्टेशन से शुरू होकर बेगुनिया मोड़ तक पहुंचा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, युवा और महिलाएं शामिल हुईं।हाथों में मोमबत्तियां, आंखों में आंसू और जुबां पर सिर्फ ‘इंसाफ’:मार्च में शामिल लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। प्रदर्शनकारी हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और “मासूम को इंसाफ दो”, “दोषियों को फांसी दो” लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। इस जनाक्रोश मार्च में मुख्य रूप से काजल दत्तो, आरिफ अंसारी, वतन ताती, राजा खान और एडवोकेट राज किशोर बेलदार सहित कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक एकजुट नजर आए।एनकाउंटर के दावों पर उठे गंभीर सवाल, उठाई 4 सूत्री मांगें:कैंडल मार्च के समापन पर बेगुनिया मोड़ पर वक्ताओं ने राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल दागे। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि न्याय मिलने तक यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। मार्च के दौरान प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखी गईं:फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमा: दरिंदगी के सभी दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।पुलिसिया ‘एनकाउंटर’ की निष्पक्ष जांच: पुलिस दावा कर रही है कि आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है, लेकिन परिवार को अब तक शव नहीं दिखाए गए। इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच हो।स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच: साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोकने के लिए घटनास्थल और सभी सबूतों की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराई जाए।पीड़ित परिवार को मिले सुरक्षा और मदद: खौफ के साए में जी रहे पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा, आर्थिक सहायता और कानूनी मदद मुहैया कराई जाए।जब तक इंसाफ नहीं, तब तक थमेगा नहीं आंदोलन: रवि यादवनेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता रवि यादव ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “एक 13 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पुलिस एनकाउंटर की कहानी गढ़कर मामले को रफा-दफा नहीं कर सकती। प्रशासन को पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी ताकि जनता का कानून पर भरोसा बहाल हो सके।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को मुकम्मल न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।










