बराकर फाड़ी दुर्गापूजा का भव्य उद्घाटन, वर्षों पुरानी परंपरा को पुलिस ने रखा कायम
एसीपी वेस्ट सोमनाथ साह ने किया पूजा पंडाल का उद्घाटन, कुल्टी थाना प्रभारी से लेकर बराकर फाड़ी के अधिकारियों और जवानों तक की रही सक्रिय मौजूदगी
बराकर। दुर्गापूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और बंगाल की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक भी है। इसी परंपरा को बरकरार रखते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत बराकर फाड़ी परिसर में आयोजित वर्षों पुरानी दुर्गापूजा का भव्य उद्घाटन एसीपी वेस्ट सोमनाथ साह ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
बराकर के फाड़ी प्रांगण में होने वाली यह दुर्गापूजा वर्षों से आस्था और परंपरा का केंद्र बनी हुई है। इस पूजा की सबसे खास बात यह है कि यहां तैनात होने वाले थाना प्रभारी और फाड़ी प्रभारी अपने कार्यकाल के दौरान इस परंपरा को निभाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। समय बदलता रहा, अधिकारी बदलते रहे, लेकिन मां दुर्गा की आराधना की यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है।
उद्घाटन समारोह में एसीपी वेस्ट सोमनाथ साह के साथ कुल्टी थाना प्रभारी अशोक सिन्हा महापात्र, बराकर फाड़ी प्रभारी अंजन कुमार रजक, एसआई सोमनाथ भट्टाचार्य सहित बराकर फाड़ी के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी ने पुलिस परिवार की एकजुटता और परंपरा के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया।
एसीपी सोमनाथ साह का संदेश
इस अवसर पर एसीपी वेस्ट सोमनाथ साह ने कहा कि दुर्गापूजा हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण पर्व है। बराकर फाड़ी प्रांगण में वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को कायम रखना गौरव की बात है। मां दुर्गा का यह उत्सव सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने लोगों से अपील की कि दुर्गापूजा के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखें, शांतिपूर्ण ढंग से उत्सव मनाएं और पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में मां दुर्गा की आराधना कर सकें।
बराकर फाड़ी की यह दुर्गापूजा एक बार फिर इस बात की मिसाल बन रही है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने में भी उसकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। वर्षों से चली आ रही यह पूजा पुलिस परिवार और स्थानीय समाज के बीच आपसी जुड़ाव का प्रतीक बनी हुई है।
मां दुर्गा की आराधना, पुलिस अधिकारियों की सहभागिता और परंपरा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ बराकर फाड़ी प्रांगण की दुर्गापूजा ने एक बार फिर क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।










