बराकर बाज़ार: सूरज निकलते ही पसर जाता है सन्नाटा, भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल; प्रशासन से पेयजल की मांग
बराकर : आसनसोल नगर निगम के कुल्टी विधानसभा अंतर्गत बराकर बाज़ार में इन दिनों सूरज निकलते ही सन्नाटा पसर जाता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के कारण आम लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। दोपहर होते-होते बाज़ार की सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और दुकानें पूरी तरह खाली नज़र आती हैं। व्यापारी ग्राहकों का इंतज़ार करने को मजबूर हैं।
इस चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने सबसे ज़्यादा रोज़ कमाने-खाने वाले गरीब तबके को प्रभावित किया है। बाज़ार में ठेला चलाने वाले मजदूर, ऑटो चालक और टोटो चालक इस मौसम से बेहद परेशान हैं। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही न होने से इनकी कमाई पर भारी असर पड़ा है।
गर्मी से बेहाल एक टोटो चालक ने बताया, “धूप इतनी तेज़ है कि गाड़ी चलाना मुश्किल है, लेकिन घर में बच्चों और पूरे परिवार का पेट पालने के लिए इस जानलेवा गर्मी में भी बाहर निकलना ही पड़ता है। अगर काम नहीं करेंगे, तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा?” पेट की भूख और परिवार की ज़िम्मेदारी के आगे ये मज़दूर बेबस हैं और रोज़ाना इस तपती धूप में काम करने को मजबूर हैं।
प्रशासन से शुद्ध पेयजल व्यवस्था की मांग:
इस भीषण संकट के बीच स्थानीय दुकानदारों, मज़दूरों और राहगीरों ने आसनसोल नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से बाज़ार के मुख्य मोड़ों पर तुरंत शुद्ध पेयजल (पीने के पानी) और ओआरएस (ORS) काउंटर की व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाज़ार में पानी की उचित व्यवस्था न होने से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यदि प्रशासन जल्द ही जगह-जगह प्याऊ (Water Booths) नहीं लगवाता, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है।










