बाराचक साइडिंग पर सियासी घमासान: विधायक कृष्णेंदु के बयान से बढ़ी हलचल, शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी
कुल्टी/आसनसोल:बाराचक रेलवे साइडिंग को लेकर स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पिछले चार दिनों से यह साइडिंग लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, बाराचक साइडिंग का संचालन अब रोहित नोनिया के बजाय आसनसोल रेलपार के मोहम्मद मिस्टर खान की सेवा ट्रांसपोर्ट कंपनी कर रही है। वर्तमान में यहाँ रोजाना भारी मात्रा में कोयला और अन्य खनिजों की लोडिंग-अनलोडिंग के साथ-साथ रैक का आवागमन जारी है।विधायक के फेसबुक लाइव से गरमाया माहौलइस पूरे मामले ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया, जब आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता जताई। विधायक ने शहर के भीतर संचालित हो रही साइडिंगों के कारण बढ़ रहे प्रदूषण, भीषण जाम और संभावित सड़क दुर्घटनाओं की आशंका पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इन साइडिंगों की वजह से आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।रेलवे के उच्च अधिकारियों से होगी बातविधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि वह माल ढुलाई और साइडिंग की इन गतिविधियों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के लिए रेलवे के उच्च अधिकारियों से जल्द ही औपचारिक चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को लेकर उन्हें स्थानीय नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अपने बयान के दौरान उन्होंने कुल्टी के विधायक और राज्य मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए मंत्री डॉ. पोद्दार से भी लगातार बातचीत चल रही है।मंत्री तक पहुंची ग्रामीणों की शिकायतसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभावित ग्रामीणों ने साइडिंग से फैल रहे प्रदूषण की लिखित और मौखिक शिकायत राज्य मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार तक पहुंचाई है। इसके बाद अब जनप्रतिनिधियों की ओर से रेलवे प्रशासन के साथ एक निर्णायक और गंभीर वार्ता की रूपरेखा तैयार की जा रही है।चंद्रचूड़ मंदिर के पीछे नई साइडिंग का काम तेजइस बीच, शहर से बाहर यातायात को सुगम बनाने के लिए चंद्रचूड़ मंदिर के पीछे एक नई रेलवे साइडिंग का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। यह नई साइडिंग सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) से जुड़ेगी, जिससे भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इसके बेहद जल्द चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है।भविष्य को लेकर सस्पेंस बरकरारविधायक के इस तीखे बयान के बाद बाराचक समेत आसनसोल की अन्य शहरी साइडिंगों के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हालांकि, दूसरी तरफ बाराचक में रेलवे के बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्य भी समानांतर रूप से जारी हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये साइडिंग शहर से बाहर शिफ्ट की जाती हैं या वर्तमान स्थान पर ही काम करती रहेंगी। फिलहाल रेलवे प्रबंधन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता की नजरें आगामी प्रशासनिक फैसलों पर टिकी हैं।










