मंत्री पद’ पर भी भारी पड़ा ‘डॉक्टर का फर्ज’, पेड़ा गली में मुफ्त इलाज कर बोले— जनसेवा ही जिंदगी का असली मकसद
बराकर:राजनेता तो बहुत देखे होंगे, लेकिन बराकर की जनता ने आज एक सच्चे जनसेवक का रूप देखा। सूबे के मंत्री ने आज वीआईपी कल्चर और सियासत से दूर हटकर एक डॉक्टर का फर्ज निभाया। बराकर की मशहूर पेड़ा गली स्थित अपने चैंबर में मंत्री जी ने खुद बैठकर जरूरतमंद मरीजों का न केवल मुफ्त इलाज किया, बल्कि उन्हें दवाइयां और जरूरी परामर्श भी दिया।कुर्सी से बड़ा जनता का दर्दइलाज के बाद मंत्री जी ने दिल जीतने वाली बात कही। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा, “एक डॉक्टर होने के नाते लोगों की सेवा करना ही मेरे जीवन का मुख्य लक्ष्य है। मंत्री बनने के बाद भी जब भी मुझे वक्त मिलता है, मैं डॉक्टरी के इस पवित्र दायित्व को निभाना नहीं भूलता। मेरे लिए जनसेवा से बढ़कर कुछ नहीं है।”चैंबर में उमड़ी भीड़, बांटी गईं दवाएंआज सुबह जैसे ही मंत्री जी के चैंबर में बैठने की खबर फैली, इलाके के तमाम जरूरतमंद और गरीब मरीज वहां पहुंचने लगे। मंत्री जी ने खुद एक-एक मरीज की बारीकी से जांच की। लोगों को मुफ्त में दवाइयां बांटी गईं और सेहतमंद रहने के नुस्खे बताए गए। उन्होंने कहा कि जनता की तकलीफ को दूर करके उन्हें जो सुकून मिलता है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।जनता ने जताया आभारमंत्री जी ने भावुक होते हुए कहा, “जनप्रतिनिधि और डॉक्टर, दोनों ही रूपों में मैं चौबीसों घंटे जनता के लिए हाजिर हूँ। बराकर के लोगों का यह प्यार और आशीर्वाद ही मुझे दिन-रात काम करने की प्रेरणा देता है।”मंत्री के इस जमीनी और मददगार रवैये को देखकर स्थानीय लोगों ने उनका दिल से आभार जताया। लोगों का कहना है कि नेता तो चुनाव में आते हैं, लेकिन ऐसा मंत्री जो खुद डॉक्टर बनकर मर्ज दूर करे, पहली बार देखा है।










