आसनसोल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हिम्मत उम्र नहीं देखती। यहाँ के किशोर–किशोरियों की एक 10 सदस्यीय बहादुर टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसे सुनकर बड़े-बड़ों के कदम डगमगा जाएँ—साइकिल पर सिर्फ 55 दिनों में लद्दाख की गलवान घाटी तक की यात्रा!
शुक्रवार को आसनसोल के प्रतिष्ठित रविन्द्र भवन में इन युवा साइकिलिस्टों को सम्मानित किया गया, जहाँ माहौल देशभक्ति, उत्साह और तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।
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