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सालानपुर के आछड़ा में हिंसक झड़प के बाद सड़क जाम, टायर जलाकर ग्रामीणों का प्रदर्शन; पुलिस ने संभाला मोर्चा

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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सालानपुर के आछड़ा में हिंसक झड़प के बाद सड़क जाम, टायर जलाकर ग्रामीणों का प्रदर्शन; पुलिस ने संभाला मोर्चा

टीएमसी-भाजपा समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष के बाद सुलग उठा इलाका, दोनों पक्षों के कई लोग घायल, भारी पुलिस बल तैनात

सालानपुर। पश्चिम बर्दवान के सालानपुर ब्लॉक अंतर्गत आछड़ा इलाके में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण शुक्रवार सुबह भारी तनाव फैल गया। बुधवार देर रात सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए खूनी संघर्ष के विरोध में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों के एक वर्ग ने सड़क पर टायर जलाकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते इलाके में वाहनों का आवागमन ठप हो गया और स्थिति गंभीर हो गई।टायर जलाकर जताया विरोधशुक्रवार सुबह सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप था कि बुधवार रात भाजपा कार्यकर्ताओं को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाकर उन पर हमला किया गया था। इस बर्बर कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही रूपनारायणपुर पुलिस फाड़ी की टीम तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर और समझा-बुझाकर काफी मशक्कत के बाद जाम हटवाया, जिसके बाद यातायात पुनः सुचारू हो सका।रात के अंधेरे में चली लाठियां, कई अस्पतालों में भर्तीप्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात दोनों राजनीतिक दलों के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। इस हिंसक झड़प में लाठी, डंडे और धारदार हथियारों का खुलकर इस्तेमाल हुआ, जिसमें दोनों ही पक्षों के कई कार्यकर्ता व समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल प्रभाव से इलाज के लिए विभिन्न स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है।आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी, स्वतंत्र जांच का इंतजारघटना के बाद से ही आछड़ा और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। टीएमसी और भाजपा नेतृत्व इस खूनी संघर्ष के लिए एक-दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक किसी स्वतंत्र सरकारी निकाय या उच्च अधिकारियों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, लगातार हो रही इन हिंसक घटनाओं और सड़क जाम के कारण आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है।प्रशासन के सामने शांति बहाली की बड़ी चुनौतीफिलहाल पूरे इलाके पर रूपनारायणपुर पुलिस पैनी नजर रखे हुए है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्थानीय प्रबुद्ध जनों का मानना है कि इस विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की शिनाख्त कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करना और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति बहाल करना अब जिला पुलिस प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। सभी की निगाहें अब पुलिस की आगामी तफ्तीश पर टिकी हुई हैं।