कुल्टी। कुल्टी सेल ग्रोथ वर्कश में ठेकेदार श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे हैं वरुण शर्मा द्वारा सेल ग्रंथ के मुख्य द्वार पर पिछले 9 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। जिसकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है। इसे देखते हुए तृणमूल कांग्रेस के ट्रेड यूनियन कुल्टी ब्लॉक अल्पसंख्यक सेल द्वारा मोर्चा संभाला गया । तृणमूल कार्यकर्ता द्वारा मंगलवार को मुख्य द्वार को जाम कर प्रदर्शन भी किया गाया।
प्रदर्शन का नेतृत्व तृणमूल मूल ट्रेड यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष बाबू दत्त व कुल्टी ब्लॉक अल्पसंख्यक सेल अध्यक्ष अमजद अंसारी नगर निगम 9 के बोरो अध्यक्ष चैतन्य माझी और पार्षद बबलू अख्तर द्वारा किया जा रहा हैं ।
अनशन पर बैठे वरुण शर्मा ने बताया कि वह एक ठेकादार मजदूर है जो की कुल्टी सेल ग्रोथ वर्क में जनरल मजदूर में कार्य करता था।
विगत 2 साल पूर्व 2022 के मार्च माह में मैनेजमेंट और ठेकेदार द्वारा उसे मेडिकल अनफिट करार देकर इलाज करने का नाम का कर उसे बिठा दिया गया था। इसके बाद उसने अपना इलाज करवाया और मेडिकल फिट का सर्टिफिकेट स्थानित डॉक्टर और सरकारी डॉक्टर से प्राप्त कर जब वह ठेकेदार के पास गया तो वह टाल बहाना करना शुरू कर दिया। इसी बीच मजदूर शर्मा कुल्टी सेल के स्थानीय प्रबंधक से मुलाकात किया जिसमें उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह अपने ठेकेदार से बात करें ऐसा करते हुए साल बीत गाया। बार बार टालमटोल का रवैया देखते हुए मजदूर शर्मा कुल्टी कारखाना के मुख्य द्वार के समीप अंशन पर बैठ गया अंशन के तीसरे दिन स्थानिय पुलीस प्रशासन और ठेकेदार द्वारा या समझा बूझकर अनशन तुड़वाया गया कि जल्दी उसे कार्य पर लगा दिया जाएगा । और उसके परिवार के खर्च के लिए कुछ पैसे पर माह दे दिए जाएंगे। पहले माह ठेकेदार व्यवहार अच्छा रहा दूसरे माह से फिर सर वह टाल मटोल करने लागा । जिससे कि वह पुनः विगत सोमवार को अनशन पर बैठने को मजबूर हुआ। आज अनशन के 9 दिन बीत गए परंतु ना ही ठेकेदार ना ही प्रशासन का कोई व्यक्ति ना ही सेल ग्रंथ का कोई अधिकारी उससे मिलने पहुंचा। तबीयत बिगड़ने पर उनके कुछ सहयोगियों द्वारा डॉक्टर को बुलाकर उसे सलाइन चढ़ाया गया जो कि अभी भी चल रहा है।
वही लोगो के मांग पर तृणमूल ट्रेड यूनियन के नेता स्थानीय पार्षद गण इस मामले में कूद पड़े ।
तृणमूल ट्रेड यूनियन के कुल्टी ब्लॉक अध्यक्ष बाबू दत्त द्वारा कहा गया कि स्थानीय प्रबंधन को इस विषय पर ध्यान आकर्षित करते हुए युवक की पुनः बहाली करने की मांग की गई थी।परंतु प्रबंधन द्वारा इस पर किसी प्रकार का सकारात्मक रवैया न दिखा जिसे देखते हुए हमें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा साथ ही उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा जल्द से जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो हम लोग कुल्टी के नागरिक को लेकर एक वृहद आंदोलन करते हुए पूर्ण रूप से कुल्टी कारखाना का चक्का जाम कर देंगे।

खबर लिखे जाने तक आंदोलन ओर अनशन जारी था।
वहीं स्थानीय प्रबंधन से संपर्क करने पर उन्होंने इस विषय पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
मैं ठेकेदार बात करने पर कहां की मेरे पास अभी समय नहीं है ।















